धार | मांडव के ऐतिहासिक स्थल पर कांग्रेस के नव-संकल्प शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं और विधायकों ने नए जोश के साथ हिस्सा लिया। इस शिविर के दौरान कांग्रेस नेतृत्व ने “नई सोच, नया मध्यप्रदेश” के संबोधन के साथ भविष्य के विजन को आकार दिया। मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जीतू पटवारी ने कहा कि आज का दिवस हमारे लिए नई ऊर्जा लेकर आया है और यह कार्यक्रम “भारत की स्वाधीनता-आंदोलन” की गौरवशाली परंपरा की याद दिलाता है। शिविर के अंत में एकत्रनों ने “हम मिलकर लड़ेंगे, हम मिलकर जीतेंगे” के नारे लगाकर एकजुटता जताई।
साथ ही, उन्होंने याद दिलाया कि कैसे स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राण-प्रण से संघर्ष कर देश को आज़ादी दिलाई और अब यही परंपरा मध्यप्रदेश को नया स्वरूप देने की होनी चाहिए।
जीतू पटवारी ने कही ये बात
आगे प्रदेशाध्यक्ष ने कहा, “हम साझा सपनों और संकल्पों के लिए संगठित रूप से लड़ेंगे और जीतेंगे। यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ‘निर्णायक संघर्ष का आह्वान’ है। मप्र के भविष्य की मजबूती के लिए।” उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी का संगठन सृजन और विधायकों का प्रशिक्षण नए मध्यप्रदेश निर्माण की दिशा में पहला कदम है। इसके साथ ही, उन्होंने शिविर के उद्देश्य पर रुख रखते हुए कहा कि यह सिर्फ व्यक्तिगत प्रेरणा का समय नहीं है, बल्कि “संकल्पों के सामूहिक संचार” का भी दौर है। इसमें शामिल हर कार्यकर्ता को अपनी जिम्मेदारी समझने, रणनीति बनाने और उसे जन-जन तक पहुंचाने का आदेश मिला।
संगठन सृजन के साथ विधायकों का प्रशिक्षण ऊर्जावान कांग्रेस का उदाहरण है!
📍मांडव (धार)
√ नव संकल्प शिविर pic.twitter.com/ejfVtnsFMl— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) July 21, 2025
इन बिंदुओं पर चर्चा
- मध्यप्रदेश का विकास रोडमैप, जिसमें रोजगार, किसान कल्याण, शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।
- युवा मोर्चा व महिला नेतृत्व, जो नए नेतृत्व को जन्म दे।
- लोकतांत्रिक मूल्य- प्रेस की स्वतंत्रता, नागरिक अधिकार और सामाजिक समानता सुनिश्चित करने पर जोर।
- कार्यक्रम में संकल्पित किया गया कि अगली विधानसभा चुनाव तक कांग्रेस प्रत्येक ब्लॉक और ग्राम में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाएगी।
- विधायकों को सशक्त बनाने की पहल में उन्हें प्रशिक्षण देकर क्षेत्रवार रणनीति लागू की जाएगी।
कार्यकर्ताओं में उत्साह
मांडव से नई उम्मीदें लेकर निकले कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया, जो उसे “मध्यप्रदेश के उज्जवल और समावेशी भविष्य का शुभारंभ” कहते हैं। कांग्रेस ने पुरानी परंपराओं से प्रेरित होकर, भविष्य की ओर बढ़ें और आंदोलन की आत्मा को आत्मसात् कर लोकतंत्र को पुनः सशक्त बनाने का साफ संदेश दिया है।
