भोपाल | राजधानी भोपाल के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय हरियाली की नई मिसाल बना। मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में यहां 4 हजार पौधे रोपे गए। इस आयोजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक अशोक पांडे, सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, विधायक भगवानदास सबनानी, मेयर मालती राय और भोजपाल मित्र संस्था के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। इस अभियान का मकसद सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, बल्कि जीवन और पर्यावरण के प्रति सामाजिक ज़िम्मेदारी को जागरूकता के रूप में जोड़ना था।
कही ये बात
मुख्यमंत्री ने बेलपत्र का पौधा रोपते हुए कहा कि प्रदेश की वन संपदा पूरे देश में सबसे समृद्ध है। “हम जिस धरती पर जी रहे हैं, उसकी सांसें वृक्षों में बसती हैं। ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड के बीच का संतुलन जीवन के लिए अनिवार्य है और वृक्ष इस संतुलन के संरक्षक हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि भोपाल नगर क्षेत्र में कुल 5100 पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। मुख्यमंत्री ने खासतौर पर याद दिलाया कि कुछ महीने पहले इसी स्थान को प्रधानमंत्री ने अपनी उपस्थिति से गौरवान्वित किया था और यह क्षेत्र अब विकास व पर्यावरण दोनों की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा, “जिन क्षेत्रों में हमने पहले भूल की, वहां अब हरियाली के ज़रिए सुधार की शुरुआत होनी चाहिए।”
“जयतु प्रकृति, जयतु भारतम्”
आज भोपाल में राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर में नगर निगम एवं भोजपाल मित्र परिषद के वृहद पौधरोपण कार्यक्रम में बेल का पौधा रोपित किया और विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण पर संवाद किया।
मध्यप्रदेश वनसंपदा से समृद्ध है। इसे निरंतर बढ़ाने और आने वाली… pic.twitter.com/ZHXhiwk2R5
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) July 22, 2025
दिया ये संदेश
इस दौरान छात्राओं ने भी पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वे पारंपरिक परिधानों में वृक्षारोपण के समर्थन में स्लोगन लेकर खड़ी थीं। कार्यक्रम में एक खास बात यह भी रही कि मुख्यमंत्री ने वृक्षों के साथ रक्षाबंधन जैसे सांस्कृतिक रिश्ते की बात की। “हमारी बहनें जिस तरह रक्षाबंधन पर भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं, उसी भाव से पेड़ों को भी राखी बांधती हैं। यह सिर्फ एक परंपरा नहीं, वृक्षों से आत्मीय जुड़ाव की पहचान है।”
CM की अपील
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे सिर्फ पौधा न लगाएं, बल्कि उसकी देखभाल को भी अपनी जिम्मेदारी मानें। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में पूरे मध्यप्रदेश में व्यापक पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा।
