भारतीय थलसेना को मिला घातक अपाचे AH-64E हेलीकॉप्टर, सेना की ताकत में बड़ा इजाफा; अब दुश्मन पर कड़ी नजर

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Published On: 22 July 2025

नई दिल्ली | भारतीय थलसेना को लंबे समय से जिस अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर का इंतजार था, वह अब खत्म हो गया है। अमेरिका से आए अपाचे AH-64E हेलीकॉप्टरों की पहली खेप भारत पहुंच चुकी है और इन्हें औपचारिक रूप से थलसेना के बेड़े में शामिल किया जाएगा। इन अत्याधुनिक हेलीकॉप्टरों को राजस्थान के जोधपुर में तैनात किया जाएगा। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अपाचे की तैनाती से पश्चिमी सीमा पर भारतीय सेना की मारक क्षमता में कई गुना इजाफा होगा। साथ ही, युद्ध की स्थिति में तेजी से और प्रभावी प्रतिक्रिया देने की क्षमता भी बढ़ेगी। भारतीय वायुसेना के पास पहले से ही अपाचे हेलीकॉप्टर मौजूद हैं, लेकिन अब थलसेना को भी यह अत्याधुनिक हथियार प्रणाली मिलने से, जमीनी लड़ाई में और अधिक मजबूती मिलेगी।

भारतीय थलसेना को लंबे समय से जिस अत्याधुनिक अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर का इंतजार था, वह अब समाप्त हो गया है। हाल ही में अपाचे हेलीकॉप्टरों की पहली खेप भारत पहुंच गई है, जिन्हें औपचारिक रूप से सेना में शामिल किया जाएगा।

डिजिटल नेटवर्किंग में सक्षम

अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक तकनीकों से लैस है, जो इसे किसी भी मौसम और रात में भी मिशन को अंजाम देने में सक्षम बनाता है। इसमें नाइट विजन और थर्मल सेंसर लगे हैं, जिससे यह अंधेरे में भी दुश्मन को आसानी से पहचान सकता है। इसका टारगेट एक्विजिशन सिस्टम और पायलट नाइट विजन सेंसर दुश्मन को सटीकता से पहचान कर निशाना साधने में मदद करते हैं। यह हेलीकॉप्टर केवल 60 सेकंड में 128 गतिशील लक्ष्यों की पहचान कर उन्हें नष्ट कर सकता है।

इसमें AN/APG-78 लॉन्गबो रडार और ज्वाइंट टैक्टिकल इन्फॉर्मेशन डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम (JTIDS) जैसे अत्याधुनिक सिस्टम लगे हैं, जो इसे रियल टाइम डेटा शेयरिंग और डिजिटल नेटवर्किंग की क्षमता प्रदान करते हैं। साथ ही, सीडीएल और केयू फ्रिक्वेंसी बैंड के माध्यम से यह उन्नत संचार की सुविधा भी देता है।

रफ्तार और रेंज में दमदार अपाचे

अपाचे हेलीकॉप्टर अधिकतम 280 से 365 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भर सकता है, जबकि इसकी ऑपरेशनल रेंज 480 से 500 किलोमीटर तक होती है, जिसे बाहरी ईंधन टैंक के ज़रिए और भी बढ़ाया जा सकता है। यह हेलीकॉप्टर एक बार उड़ान भरने के बाद 3 से 3.5 घंटे तक लगातार हवा में रह सकता है। जटिल और प्रतिस्पर्धी युद्धक्षेत्र में वर्चस्व स्थापित करने के लिए डिज़ाइन किया गया

यह हेलीकॉप्टर न केवल निगरानी और लक्ष्य भेदने में दक्ष है, बल्कि यह MQ-1C ग्रे ईगल जैसे ड्रोन को भी नियंत्रित कर सकता है। अपाचे सेना के स्ट्राइक कोर को सीधा युद्ध समर्थन देने की क्षमता रखता है और टोही मिशनों में भी अहम भूमिका निभाता है।

जबरदस्त मारक क्षमता से लैस अपाचे हेलीकॉप्टर

अपाचे हेलीकॉप्टर को आधुनिक और घातक हथियार प्रणालियों से लैस किया गया है। इसमें AGM-114 हेलफायर मिसाइल सिस्टम लगा है, जो टैंक रोधी और लेजर-गाइडेड मिसाइलें दागने में सक्षम है। यह बख्तरबंद वाहनों को बेहद सटीकता से नष्ट कर सकता है। इसके साथ ही इसमें हाइड्रा-70 रॉकेट लगे हैं, जो दुश्मन के जमीनी ठिकानों को तहस-नहस करने की क्षमता रखते हैं।

हेलीकॉप्टर में स्ट्रिंगर मिसाइल भी तैनात है, जो हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है और हवाई खतरों को निष्क्रिय करने में मदद करती है। इसके अतिरिक्त, स्पाइक NLOS मिसाइल लंबी दूरी की मारक क्षमता प्रदान करती है। साथ ही, दुश्मन पर स्टैंड-ऑफ अटैक की सुविधा देती है।

डिजाइन और सुरक्षा

अपाचे हेलीकॉप्टर का डिजाइन दो पायलटों के लिए तैयार किया गया है। एक पायलट उड़ान को नियंत्रित करता है, जबकि दूसरा हथियार प्रणाली का संचालन करता है। इसका बेसिक वजन 6,838 किलोग्राम और अधिकतम टेकऑफ वजन 10,433 किलोग्राम है। यह हेलीकॉप्टर बैलिस्टिक मिसाइलों और छोटे हथियारों के हमलों से बचने में सक्षम है। इसके अलावा, खराब मौसम और रात के समय भी यह पूरी तरह ऑपरेशनल रहता है, जिससे भारतीय सेना को किसी भी परिस्थिति में प्रभावशाली कार्रवाई करने की ताकत मिलती है।

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