भोपाल | राजधानी भोपाल में ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ लगाई जा रही पाबंदियों को लेकर विरोध की चिंगारी भड़क गई है। आम आदमी पार्टी की जिला इकाई ने इस फैसले के विरोध में 24 जुलाई को ‘रिक्शा रैली’ का ऐलान किया, जो जिंसी धर्म कांटा से निकलकर कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचेगी।
पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मिन्हाज आलम ने इस विरोध की वजह साफ करते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा बिना किसी वैकल्पिक योजना के हजारों ई-रिक्शा चालकों को मुख्य सड़कों से हटाया जा रहा है। यह निर्णय सीधे-सीधे गरीबों के पेट पर लात मारने जैसा है, जिससे हजारों परिवारों की रोजी-रोटी खतरे में पड़ गई है।
इतने ई-रिक्शा संचालित
शहर में 11,000 से अधिक ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं, जिनमें से ज्यादातर बिना परमिट के हैं। प्रशासन का तर्क है कि बेतरतीब संचालन से ट्रैफिक अव्यवस्था फैल रही है। इसी आधार पर ट्रैफिक पुलिस ने हाल ही में लिंक रोड नंबर-1, वीआईपी रोड और बोट क्लब जैसे प्रमुख मार्गों पर ई-रिक्शा की आवाजाही पर रोक लगा दी है। यह रोक 23 जुलाई से ट्रायल फेज के तौर पर एक हफ्ते के लिए लागू की गई है। इस दौरान ट्रैफिक पर प्रभाव का मूल्यांकन कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
यातायात बाधित
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि ई-रिक्शा मूल रूप से कॉलोनियों से सिटी बस स्टॉप तक कनेक्टिविटी देने के लिए शुरू किए गए थे, लेकिन अब वे मुख्य सड़कों पर अव्यवस्थित तरीके से दौड़ रहे हैं, जिससे यातायात बाधित हो रहा है। चूंकि राज्य शासन ने इन्हें परमिट से छूट दी हुई है, इसलिए इनके संचालन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं बने हैं।
पार्टी ने कही ये बात
बीते कुछ वर्षों में भोपाल में ई-रिक्शा की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। साल 2022-23 में 2,541 ई-रिक्शा रजिस्टर हुए, 2023-24 में यह संख्या 3,129 तक पहुंच गई, जबकि 2024-25 में अब तक 3,057 ई-रिक्शा पंजीकृत हो चुके हैं। आम आदमी पार्टी का कहना है कि यदि प्रशासन अपने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं करता तो वे आगे और बड़े आंदोलन की राह चुन सकते हैं। वहीं, ई-रिक्शा चालक भी अब अपने हक के लिए एकजुट होने लगे हैं।
