भोपाल | MP में बी.फार्मा और एम.फार्मा के छात्रों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। फार्मेसी काउंसिल द्वारा नई तकनीकी व्यवस्था लागू की जा रही है, जिसके तहत छात्रों को रजिस्ट्रेशन से पहले Digilocker पर अकाउंट बनाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही समग्र आईडी से लिंक किए गए दस्तावेजों की जांच सॉफ्टवेयर के माध्यम से होगी। फार्मेसी काउंसिल की रजिस्ट्रार भव्या त्रिपाठी ने बताया कि अब छात्रों को फिजिकल दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी। नई प्रणाली में छात्रों को ऑनलाइन वेरिफिकेशन के बाद ही फीस जमा करनी होगी। यह बदलाव इसलिए जरूरी हो गया क्योंकि अब तक मैन्युअल प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में आवेदन अटक रहे थे।
रजिस्ट्रेशन की मौजूदा व्यवस्था में करीब 70% फॉर्म में त्रुटियां पाई गई थीं। कई आवेदक एक जैसी गलती बार-बार दोहराते हैं। खासतौर पर नाम, जन्मतिथि या पते में अंग्रेजी स्पेलिंग की गड़बड़ियां। इसी वजह से काउंसिल को हजारों आवेदन लौटा कर छात्रों को फिर से प्रक्रिया में शामिल करना पड़ा है।
इतने का हुआ निपटारा
अब तक करीब 10,500 आवेदन पेंडिंग हो चुके थे, जिनमें से नई रजिस्ट्रार के आने के बाद लगभग 2,500 का निपटारा किया गया है। हालांकि अभी भी करीब 7,500 आवेदन लंबित हैं। इन में से 4,000 आवेदन दस्तावेजों की असंगतियों के चलते वापस किए जा चुके हैं और छात्रों को मेल के जरिए सूचित किया गया है। काउंसिल की नई गाइडलाइन के अनुसार, छात्रों के समग्र और आधार कार्ड में नाम, पिता या पति का नाम और जन्मतिथि समान होनी चाहिए।
मिलेगा अलर्ट
मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र समग्र से लिंक होना जरूरी है। Digilocker ऐप पर दसवीं और डिग्री या डिप्लोमा की अंतिम मार्कशीट अपलोड करना अनिवार्य होगा। नए सॉफ्टवेयर के जरिए गलती करने पर छात्र को तुरंत अलर्ट मिलेगा और जब तक दस्तावेजों का सत्यापन नहीं होगा, तब तक फीस नहीं ली जाएगी। इस डिजिटल परिवर्तन से न केवल प्रक्रिया पारदर्शी होगी, बल्कि छात्रों को लंबे समय तक दफ्तरों के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे।
