भोपाल | राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल में शुक्रवार को एक नई तकनीकी क्रांति की शुरुआत हुई, जब यहां अत्याधुनिक MRI और CT स्कैन यूनिट का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि अब मध्यप्रदेश देश के हेल्थ सेक्टर में एक मॉडल राज्य के रूप में उभर रहा है। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में तकनीकी नवाचार को प्राथमिकता दी जा रही है और यही बदलाव स्वास्थ्य सेवाओं को आम जनता तक प्रभावी रूप से पहुंचा रहा है।
इस कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र पटेल ने अस्पताल का नाम बदलने की मांग करते हुए विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि भोपाल रियासत के नवाब हमीदुल्ला ने आजादी के समय देशविरोधी रुख अपनाया था, ऐसे व्यक्ति के नाम पर अस्पताल होना अनुचित है।
मुफ्त जांच की सुविधा
गांधी मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित इस अस्पताल में लगाई गई MRI (1.5 टेसला) और CT स्कैन (128 स्लाइस) यूनिट्स सरकार की ‘मेडिकल आत्मनिर्भरता’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं। इन मशीनों के माध्यम से आयुष्मान भारत और अन्य सरकारी योजनाओं के अंतर्गत आने वाले मरीजों को अब मुफ्त जांच की सुविधा मिलेगी।
अस्पताल के नए ब्लॉक-1 में स्थापित इन मशीनों की कुल लागत करीब 24 करोड़ रुपये बताई गई है, जिसमें 18 करोड़ की MRI और 6 करोड़ की CT स्कैन मशीन शामिल हैं। खास बात यह है कि इन मशीनों को इमरजेंसी विभाग के ठीक पास लगाया गया है, ताकि आपातकालीन मरीजों को समय पर जांच की सुविधा मिल सके।
मेडिकल छात्रों को मिलेंगे अवसर
तकनीक के लिहाज से यह मशीनें अत्याधुनिक हैं। सीटी स्कैन में वॉल्यूमेट्री और फ्यूजन तकनीक उपलब्ध है जबकि MRI में ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए डेडिकेटेड कॉइल्स लगाई गई हैं। साथ ही, दोनों यूनिट्स हृदय रोगों की जांच के लिए हाई-क्वालिटी कार्डियक पैकेज से लैस हैं। इस पहल को नेशनल मेडिकल काउंसिल के नए दिशा-निर्देशों के अनुरूप बताया गया है, जिसमें मेडिकल कॉलेजों को अपने संसाधनों से जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने की अनिवार्यता है। इससे न केवल मरीजों को राहत मिलेगी, बल्कि मेडिकल छात्रों को आधुनिक प्रशिक्षण और रिसर्च के बेहतर अवसर भी मिलेंगे।
