जबलपुर | लगातार हो रही बारिश ने जबलपुर जिले में स्थित बरगी बांध के जलस्तर को एक बार फिर खतरनाक सीमा की ओर बढ़ा दिया है। हालात को देखते हुए शुक्रवार को बांध प्रबंधन को दो और गेट खोलने पड़े। अब कुल सात गेटों से पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नर्मदा नदी का बहाव तेज हो गया है। पहले जहां 10,595 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। वहीं, अब यह आंकड़ा बढ़ाकर 40,259 क्यूसेक कर दिया गया है। हर गेट को करीब 1.21 मीटर तक ऊंचा उठाया गया है ताकि अतिरिक्त पानी को नियंत्रित तरीके से बहाया जा सके।
बना दबाव
रानी अवंति बाई लोधी सागर परियोजना के नाम से जाना जाने वाला बरगी बांध जब पूरी तरह भर जाता है, तब इसका जलस्तर 422.76 मीटर तक पहुंचता है। फिलहाल, इसका जलस्तर 419 मीटर दर्ज किया गया है। इसके बावजूद, भारी बारिश के चलते जलभराव की गति बढ़ गई है, जिससे बांध की क्षमता पर दबाव बना हुआ है। बांध के इंजीनियर राजेश सिंह गौंड ने बताया कि गुरुवार रात को बांध में 36,868 क्यूसेक पानी की आमद दर्ज की गई थी।
बरगी बांध से शुक्रवार की सुबह 11 बजे बढाई जायेगी पानी निकासी की मात्रा.@CMMadhyaPradesh @nvdamp #JansamparkMP#jabalpur
RM : https://t.co/lQmBd6I5Kj pic.twitter.com/CJkdwTbmY2— Collector Jabalpur (@jabalpurdm) July 24, 2025
सतर्क रहने की सलाह
स्थिति को संभालने के लिए जरूरी हो गया कि जल प्रवाह को समय पर नर्मदा में छोड़ा जाए, वरना बांध के आसपास के इलाके जलमग्न हो सकते हैं। यही वजह है कि प्रशासन ने घाटों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पानी के तेज बहाव से न केवल जान-माल को खतरा है, बल्कि घाटों पर जाने वालों की सुरक्षा भी चिंता का विषय बन चुकी है।
प्रशासन अलर्ट
गौरतलब है कि 31 जुलाई तक बरगी बांध का जलस्तर 417.50 मीटर तक सीमित रखना जरूरी है। फिलहाल, बांध करीब 68% भर चुका है और लगातार बारिश ने इसकी गति को और तेज कर दिया है। यदि आने वाले दिनों में बारिश नहीं थमी, तो और गेट खोले जा सकते हैं।प्रशासन की निगरानी लगातार जारी है और जल संसाधन विभाग के अधिकारी हालात पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से बार-बार अपील की जा रही है कि वे किसी भी तरह की अफवाह या लापरवाही में न पड़ें और नदी किनारे जाने से परहेज करें।
