जबलपुर | भेड़ाघाट क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई जब 20 जुलाई की रात एक युवक की खून से सनी लाश हाईवे पर मिली। पहली नजर में यह सड़क दुर्घटना लग रही थी, लेकिन पांच दिन की गहन जांच के बाद जो सच सामने आया, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला था। मृत युवक की पहचान शहपुरा निवासी 26 वर्षीय अभिषेक सिंह के रूप में हुई, जिसकी हत्या खुद उसके छोटे भाई ऋषभ सिंह ने की थी, वह भी जमीन और जायदाद के झगड़े में।
भाई बना दुश्मन
अभिषेक और ऋषभ के बीच लंबे समय से पुश्तैनी संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों ही अपराध की दुनिया से जुड़े थे और मारपीट के कई मामले थानों में दर्ज थे। गांव वाले और रिश्तेदार कई बार समझौता करवा चुके थे, लेकिन मनमुटाव बना रहा। इसी दुश्मनी ने एक दिन खूनी मोड़ ले लिया।
ढाबे पर शुरू हुआ विवाद
20 जुलाई को अभिषेक जबलपुर में हाइवा ट्रक ठीक कराने के बाद रात में बस से लौट रहा था। रास्ते में वह कूड़न गांव के एक ढाबे पर खाने रुका। तभी ऋषभ अपने मामा के बेटे राजा, दोस्त लल्लू चढ़ार और देवेंद्र लोधी के साथ वहां पहुंचा। गाली-गलौज के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन दिल में खौल रही आग ने सब कुछ बदल दिया।
शव को दिखाया हादसा
खाना खा कर जैसे ही अभिषेक सड़क किनारे खड़ा हुआ, ऋषभ और उसके साथी बाहर निकले। कहा-सुनी के दौरान अभिषेक ने ऋषभ को मारा, लेकिन इसके बाद ऋषभ ने जैक और लोहे की रॉड निकाल कर हमला कर दिया। राजा और ऋषभ ने मिलकर सिर और सीने पर इतने वार किए कि अभिषेक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। फिर उसका शव सड़क पर फेंक दिया गया ताकि यह एक्सीडेंट लगे।
पुलिस ने तीन को दबोचा
हत्या के बाद चारों आरोपी भागे लेकिन उनकी कार रास्ते में खराब हो गई। हथियारों को नहर में फेंककर वे घर भाग गए। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में हत्या की आशंका जताई गई और जांच में चौकाने वाला खुलासा हुआ। शुक्रवार को पुलिस ने ऋषभ, लल्लू और देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि राजा अब भी फरार है।
जल्द होगा पूरा पर्दाफाश
एएसपी अंजना तिवारी ने बताया कि मामले की तह तक जाने के लिए कई टीमें लगाई गई थीं और पुलिस हर पहलू को गंभीरता से देख रही है। फरार आरोपी की तलाश जारी है।
