ग्वालियर | मध्य प्रदेश के ग्वालियर के चर्चित भोला सिकरवार मर्डर केस में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दो महीने से फरार चल रहा आरोपी राहुल राजावत आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया है। हजीरा पुलिस ने शनिवार को उसे आपागंज इलाके से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि राहुल अपनी ससुराल में छिपा हुआ था।
पुलिस को पहले से शक था कि भोला की हत्या की साजिश में राहुल का भी हाथ है। घटना के बाद उसने उज्जैन के महाकाल मंदिर से वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया था, लेकिन अब जांच में मिले सबूतों और पकड़े गए अन्य आरोपियों की गवाही ने उसकी संलिप्तता की पुष्टि कर दी है। पुलिस के अनुसार, वह सीधे वारदात में शामिल नहीं था, लेकिन साजिशकर्ता की भूमिका में था।
2 जून की घटना
घटना 2 जून की रात की है, जब हजीरा इलाके में हिस्ट्रीशीटर भोला सिकरवार को उसके घर के पास गोली मार दी गई थी। बंटी भदौरिया, शिवा राजावत, रानू समेत छह-सात बदमाश मौके पर पहुंचे थे और अंधाधुंध फायरिंग की थी। गोली लगते ही भोला की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उसका एक साथी घायल हुआ था। भोला के खिलाफ 23 आपराधिक केस दर्ज थे और वह खुद भी इलाके में खौफ का दूसरा नाम था। वहीं, बंटी भदौरिया पर भी 21 केस दर्ज हैं। हत्या के बाद ग्वालियर में गैंगवार जैसी स्थिति बन गई थी। पूरे इलाके में तनाव फैल गया था। इस हत्याकांड में पुलिस अब तक 9 लोगों को आरोपी बना चुकी है।
टीआई ने दी ये जानकारी
थाना प्रभारी शिवमंगल सिंह तोमर ने बताया कि गिरफ्तार किए गए राहुल से पूछताछ की जा रही है। उसकी भूमिका की तह तक जाने के लिए पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि उसने वारदात से पहले और बाद में किन-किन लोगों से संपर्क किया और क्या योजना बनाई थी। इससे पहले मुख्य आरोपी बंटी भदौरिया को पुलिस ने मुठभेड़ में पकड़ लिया था। अब राहुल की गिरफ्तारी से मामले में कई और कड़ियों के जुड़ने की उम्मीद है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही बाकी फरार आरोपी भी पकड़ लिए जाएंगे।
