बरसात में खाएं भुट्टा, पोषण से भरपूर है ये सुपरफूड; जानें इसके फायदे

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Published On: 27 July 2025

 हेल्थ | भुट्टा दुनियाभर में सबसे पॉप्युलर अनाजों में से एक है। आमतौर पर पीला दिखने वाला मक्का लाल, नारंगी, बैंगनी, नीला, सफेद और काले रंगों में भी पाया जाता है। इसमें फाइबर, विटामिन B कॉम्प्लेक्स, आयरन, जिंक और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। यही वजह है कि न्यूट्रीशन एक्सपर्ट इसे अपने डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं। बारिश के दिनों में चौराहों पर पकते हुए भुट्टे (मक्का) का नज़ारा सबको प्रसंद आता है, हल्की फुहारों के बीच, गरमागरम भुट्टा हाथ में लेकर खाने का मज़ा ही अलग है। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ स्वाद के लिए खाते हैं, लेकिन यह सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है।

मकई को संतुलित आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। मकई न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर के लिए फायदेमंद भी होते हैं। इसलिए, नियमित आहार में मकई को शामिल करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है।

मकई है सुपरफूड

मकई को सुपरफूड माना जाता है क्योंकि इसमें फैट, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर के साथ कई जरूरी विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, यह शरीर को विभिन्न पोषक तत्वों की पूर्ति करने में सक्षम है। साथ ही, मकई का सेवन त्वचा और बालों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है और कई स्वास्थ्य समस्याओं में भी मदद करता है।

बारिश में मक्का खाने के फायदे

बारिश के दिनों में मक्का खाना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इस मौसम में मिलने वाला ताजा और भुट्टे पर भुना हुआ मक्का न केवल स्वाद में लाजवाब होता है बल्कि शरीर को गर्माहट भी देता है। मक्का फाइबर, विटामिन बी, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो पाचन को सुधारने, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और वजन नियंत्रित रखने में मदद करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट आंखों की रोशनी के लिए फायदेमंद होते हैं और हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में भी सहायक हैं। बारिश में मक्का खाने से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और यह आपको लंबे समय तक ऊर्जावान बनाए रखता है।

डायबिटीज को नियंत्रित

भुट्टा यानी मक्का, खासकर मानसून के मौसम में खाने वाला ताज़ा भुट्टा, डायबिटीज़ के रोगियों के लिए एक स्वास्थ्यवर्धक विकल्प साबित हो सकता है। इसमें मौजूद उच्च मात्रा में डाइटरी फाइबर कार्बोहाइड्रेट के पाचन को धीमा करता है और इससे ब्लड शुगर में अचानक उतार‑चढ़ाव कम होता है। जब सीमित मात्रा में नियमित रूप से खाया जाए विशेषकर उबालकर या ग्रिल करके पॉपकॉर्न की तरह, तो यह रक्त शुगर को संतुलित बनाए रखने में मदद करता है।

वजन नियंत्रण में सहायक

मकई, जिसे चिकित्सकीय और पोषण विशेषज्ञों ने “सुपरफूड” तक बताया है, विशेष रूप से वजन नियंत्रण में बेहद मददगार है। यह फाइबर में समृद्ध होती है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और अतिरिक्त कैलोरी लेने की इच्छा कम होती है । इसकी उच्च फाइबर सामग्री खाने की गति को धीमा कर देती है, जिससे भूख नियंत्रित होती है और मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा मिलता है । मकई में ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स भी होते हैं, जो वजन घटाने से जुड़े ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करते हैं।

हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी

मकई हृदय स्वास्थ्य के लिए बेहद उपयोगी मानी जाती है। इसमें मौजूद फाइबर, विटामिन C, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व रक्तचाप को नियंत्रित करने और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करते हैं। मकई में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट हृदय की धमनियों में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं, जिससे हृदय रोगों का खतरा घट सकता है। नियमित रूप से संतुलित मात्रा में मकई का सेवन करने से हृदय स्वस्थ और मजबूत रह सकता है।

पाचन को दुरुस्त

मकई में फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करती है। यह कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है और आंतों की सफाई में मदद करता है। नियमित रूप से मकई का सेवन करने से पाचन क्रिया बेहतर रहती है और पेट से जुड़ी परेशानियों का खतरा कम हो जाता है।

हड्डियों को बनाता है मजबूत

मकई में कैल्शियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम जैसे महत्वपूर्ण मिनरल्स पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन डी हड्डियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी हड्डियों से जुड़ी समस्याओं से बचाव में सहायक होते हैं। नियमित रूप से मकई का सेवन हड्डियों की घनत्व को बनाए रखने में मदद करता है।

कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण

मकई कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में मदद कर सकता है। इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बनाए रखने में सहायक होता है। साथ ही, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइटोन्यूट्रिएंट्स हृदय को स्वस्थ रखने और रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने में भी योगदान देते हैं। नियमित रूप से उबली या भुनी मकई खाने से हृदय रोगों का जोखिम कम हो सकता है।

डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों पर आधारित हैं. MPNews इनकी पुष्टि नहीं करता है.

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