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OBC को 27% आरक्षण नहीं तो होगा भोपाल में CM निवास का घेराव, महासभा ने दी चेतावनी

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Published On: 28 July 2025

भोपाल | मध्यप्रदेश में OBC समाज अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है। लंबे वक्त से 27% आरक्षण की मांग कर रही ओबीसी महासभा ने 28 जुलाई को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने का ऐलान किया है। महासभा का कहना है कि प्रदेश की आधी से ज्यादा आबादी ओबीसी वर्ग की है, फिर भी नौकरियों से लेकर प्रशासनिक पदों तक उनकी भागीदारी नगण्य है।

महासभा के मुताबिक, 1990 के दशक में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की बात हुई थी, लेकिन आज तक यह केवल कागजों में ही है। अब वक्त आ गया है जब इसे जमीन पर उतारा जाए। रविवार को महासभा के नेताओं ने स्पष्ट कर दिया कि अगर सरकार ने अब भी आरक्षण लागू नहीं किया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे।

13 फीसदी आरक्षण पर रोक

महासभा के वरिष्ठ सदस्य और एडवोकेट धर्मेंद्र कुशवाह ने बताया कि फिलहाल सरकार ने 13% ओबीसी आरक्षण होल्ड कर रखा है, जिससे हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। कई अभ्यर्थी तो उम्र सीमा पार कर चुके हैं। उन्होंने इसे संविधान और सामाजिक न्याय के खिलाफ करार दिया। कुशवाह ने कहा कि जब सरकार सत्ता में आई थी, तब उसने रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन अब वही सरकार आरक्षण रोककर बेरोजगारी को बढ़ावा दे रही है।

10 जुलाई को किया था प्रदर्शन

महासभा ने इससे पहले 10 जुलाई को प्रदेश के सभी जिलों में प्रदर्शन कर सरकार को चेताया था। चेतावनी दी गई थी कि अगर आरक्षण पर लगी रोक हटाई नहीं गई, तो बड़े आंदोलन होंगे। अब संगठन ने सीधा मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने का ऐलान कर दिया है।

EWS आरक्षण पर उठे सवाल

ओबीसी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश लोधी ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने 7 फीसदी जनसंख्या वाले सवर्ण तबके को 10 फीसदी EWS आरक्षण तो दे दिया, लेकिन 50% से ज्यादा हिस्सेदारी वाले ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण देने से कतरा रही है।

प्रवक्ता एड. विश्वजीत रतौनिया ने कहा कि हाईकोर्ट ने ओबीसी आरक्षण के खिलाफ याचिकाएं खारिज कर दी हैं, इसके बावजूद सरकार की चुप्पी संविधान विरोधी मानसिकता को दिखाती है। अब इस मानसिकता के खिलाफ निर्णायक संघर्ष किया जाएगा।

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