इंदौर | मध्य प्रदेश के इंदौर में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अब दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना केवल कानून की बात नहीं, बल्कि पेट्रोल पाने की भी शर्त बन चुका है। कलेक्टर आशीष सिंह ने बुधवार को आदेश जारी करते हुए साफ कर दिया कि 1 अगस्त 2025 से बिना हेलमेट दोपहिया चालकों को पेट्रोल नहीं मिलेगा।
यह निर्णय सड़क सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और जिले में बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए लिया गया है। आदेश के मुताबिक, सभी पेट्रोल पंपों को बिना हेलमेट वाले वाहन चालकों को पेट्रोल देने से मना करना होगा। यदि कोई पेट्रोल पंप संचालक इस आदेश की अनदेखी करता है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
होगी कानूनी कार्रवाई
यदि आदेश का पालन नहीं हुआ, तो पेट्रोल पंप की जमानत राशि जब्त, लाइसेंस रद्द और आवश्यक वस्तु अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। यानी अब पेट्रोल पंपों को भी ट्रैफिक नियमों के पालन में भूमिका निभानी होगी।
इन्हें मिलेगी छूट
प्रशासन ने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि मेडिकल इमरजेंसी या अन्य अत्यावश्यक स्थितियों में यह नियम लागू नहीं होगा। यह आदेश 1 अगस्त से 29 सितंबर 2025 तक प्रभाव में रहेगा, और आवश्यकता पड़ने पर इसकी अवधि बढ़ाई भी जा सकती है।
इस फैसले की पृष्ठभूमि में सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति की सिफारिशें हैं। रिटायर्ड न्यायाधीश अभय मनोहर सप्रे, जो समिति के अध्यक्ष हैं, उन्होंने मंगलवार को इंदौर में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कई सुझाव दिए थे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इंदौर जैसे बड़े शहर में लोगों को हेलमेट पहनने की आदत डालनी ही होगी। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी कर्मचारियों और विद्यार्थियों को हेलमेट पहनना अनिवार्य किया जाए, सीट बेल्ट के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए, शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो और लोक परिवहन को प्रोत्साहित किया जाए।
इंदौर में यह कदम न केवल ट्रैफिक नियमों के सख्त पालन की दिशा में एक मजबूत शुरुआत है, बल्कि यह संदेश भी है कि अब नियम तोड़ना केवल चालान तक सीमित नहीं रहेगा। इससे रोजमर्रा की जरूरतों पर भी असर पड़ेगा।
