इंदौर | मध्य प्रदेश के इंदौर की द्वारकापुरी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। कुख्यात ड्रग माफिया शुभम नेपाली को उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस को उसकी तलाश लंबे समय से थी, और आखिरकार मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना पर टीआई सुशील पटेल की टीम ने उसे धर दबोचा। शुभम, इंदौर समेत आसपास के इलाकों में एमडी ड्रग्स का बड़ा नेटवर्क चलाता था और फरारी के दौरान भी वह युवाओं को वॉट्सएप कॉल के जरिए निर्देश देता रहा।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शुभम नेपाली हर महीने करीब दो करोड़ रुपए की ड्रग्स सप्लाई करता था। उसके गैंग में 12 से ज्यादा लड़के हैं जो इंदौर के द्वारकापुरी, राऊ, चंदन नगर और अन्नपूर्णा जैसे इलाकों में ड्रग्स की पुड़िया खपा रहे थे। हैरानी की बात ये है कि जेल में रहते हुए भी उसका नेटवर्क सक्रिय बना रहा।
नेटवर्क का खुलासा
कुछ समय पहले श्रद्धा सबुरी कॉलोनी से लोकेश मोरवाल और प्रजापत नगर से रितेश उर्फ नेगू सोलंकी को एमडी ड्रग्स के साथ पकड़ा गया था। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे शुभम नेपाली के लिए काम करते हैं। इसके बाद पुलिस ने यश वानखेड़े और दीपक बामने को पकड़ा, जिन्होंने शुभम के छोटे भाई रजत यादव उर्फ नेपाली का नाम लिया।
रजत की कहानी और भी चौंकाने वाली निकली। वह अपनी आठ साल की बेटी को बाइक पर बैठाकर ड्रग्स सप्लाई करता था ताकि शक न हो। उसका मानना था कि बच्ची को साथ रखने से पुलिस का ध्यान नहीं जाएगा।
शुभम का इतिहास
शुभम नेपाली के खिलाफ 19 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह पहले भी इंदौर में दो बार फायरिंग कर चुका है, जिनमें एक महेश टोपी पर हमला था। बताया जा रहा है कि जेल में रहते हुए भी उसने महेश पर दोबारा हमले की साजिश रची थी, जिसकी जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन अलर्ट हो गया।
मंत्री की चेतावनी
शुभम के ड्रग नेटवर्क को लेकर इंदौर के लोग पहले से ही नाराज़ थे। 21 सितंबर 2024 को भागीरथपुरा में आयोजित भाजपा सदस्यता अभियान के दौरान महिलाओं ने कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से इलाके में चल रहे नशे के कारोबार की शिकायत की थी। इस पर विजयवर्गीय ने पुलिस को तीन दिन की मोहलत देते हुए कहा था कि अगर नशा बेचने वालों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो सख्त कदम उठाए जाएंगे।
