भोपाल | राजधानी भोपाल से हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों के लिए साल 2026 एक बड़ा बदलाव लेकर आया है। केंद्र सरकार ने राजधानी भोपाल को हज के एंबार्केशन प्वाइंट की सूची से बाहर कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब हज यात्रियों को सऊदी अरब जाने के लिए भोपाल से कोई सीधी फ्लाइट उपलब्ध नहीं होगी। उन्हें इंदौर या मुंबई जैसे वैकल्पिक शहरों से उड़ान भरनी पड़ेगी।
मध्यप्रदेश राज्य हज कमेटी ने इस फैसले पर नाखुशी जाहिर करते हुए केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को पत्र भेजा है और मांग की है कि इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए। कमेटी के अध्यक्ष रफत वारसी का कहना है कि यह फैसला हजारों हज यात्रियों की सुविधा और लंबे समय से मौजूद व्यवस्थाओं को नजरअंदाज करता है।
बनी थी बाधा
साल 2025 में मध्यप्रदेश से करीब 8500 हज यात्री सऊदी अरब रवाना हुए थे, जिनमें भोपाल से लगभग 1200 लोग थे। इनमें से अधिकांश यात्रियों ने अधिक खर्च के चलते इंदौर और मुंबई से यात्रा करना ज्यादा बेहतर समझा। दरअसल, भोपाल से हज यात्रा करने पर प्रति यात्री करीब 70 हजार रुपये का अतिरिक्त खर्च आता है, जो एक बड़ी बाधा बन गया।
गौरतलब है कि 2010 में भोपाल से डायरेक्ट हज फ्लाइट्स की शुरुआत हुई थी। शुरुआती वर्षों में यहां से 14 से ज्यादा फ्लाइट्स जाती थीं, लेकिन यात्रियों की घटती संख्या के चलते यह संख्या घटती गई और 2025 में महज 2 से 3 फ्लाइट्स ही रह गई थीं।
17 एंबार्केशन प्वाइंट तय
हज 2026 के लिए देशभर में कुल 17 एंबार्केशन प्वाइंट तय किए गए हैं। इनमें इंदौर, मुंबई, दिल्ली, लखनऊ, अहमदाबाद, हैदराबाद, कोलकाता जैसे शहर शामिल हैं। भोपाल के बाहर होने से अब प्रदेश के सभी हज यात्रियों को इन शहरों में जाकर फ्लाइट लेनी होगी। राज्य हज समिति का कहना है कि भोपाल में पहले से मौजूद हज कैंप, प्रशासनिक तंत्र और प्रशिक्षित स्टाफ का बेहतर उपयोग अब नहीं हो पाएगा। समिति ने केंद्र से अपील की है कि धार्मिक भावना से जुड़े इस फैसले को सुविधाजनक नजरिए से दोबारा परखा जाए।
