भोपाल | राजधानी भोपाल में रविवार की शाम भदभदा तालाब पर उस वक्त सन्नाटा पसर गया, जब एक महिला आत्महत्या की नीयत से पानी में कूद गई। लेकिन किस्मत ने उसका साथ दिया और मौके पर मौजूद कुछ जांबाज़ पुलिसकर्मियों और एक चौकीदार की सूझबूझ से महिला की जान बच गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और इन नायकों की हर तरफ प्रशंसा की जा रही है।
पति से विवाद
घटना शाम करीब 6:30 बजे की है, जब एक 34 वर्षीय महिला ने पति से विवाद के बाद तालाब में छलांग लगा दी। चप्पल और दुपट्टा ब्रिज पर छोड़कर जैसे ही वह पानी में कूदी, वहां मौजूद लोग घबरा गए। उसी समय अपने परिवार के साथ घूमने आए हेड कांस्टेबल बलराम नागपुरे की नजर महिला पर पड़ी। उन्होंने तुरंत आस-पास के लोगों को बुलाया और महिला को आवाज देकर हिम्मत बनाए रखने को कहा।
बलराम नागपुरे की पत्नी और अन्य महिलाओं की मदद से चुन्नियों को जोड़कर एक रस्सी बनाई गई और उसे तालाब की ओर लटकाया गया। इस बीच महिला पूरी तरह डूब चुकी थी, केवल उसका सिर पानी के ऊपर था। मौके पर ही मौजूद भोज विहार पार्क के चौकीदार अनिल सिंह ने बिना समय गंवाए तालाब में छलांग लगा दी।
बचाई जान
अनिल के पीछे-पीछे हेड कांस्टेबल रघुनाथ वर्मा और मनोहर बामनिया भी तालाब में कूद गए। महिला ने किसी तरह चुन्नी से बनी रस्सी पकड़ ली थी और अनिल ने तैरकर उसे थाम लिया। पुलिसकर्मियों और चौकीदार की मदद से महिला को सुरक्षित किनारे लाया गया।
तब तक महिला की बच्ची और भतीजी भी मौके पर पहुंच चुकी थीं। महिला को ब्रिज तक लाया गया, जहां से गुजर रहे प्रधान आरक्षक चंचल बस्तवर और हेड कांस्टेबल राजेश विश्वकर्मा ने तत्काल उसे हेजेला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, महिला के पेट में काफी पानी भर गया था लेकिन अब वह खतरे से बाहर है।
पहुंचाया अस्पताल
घटना की जानकारी मिलते ही महिला का पति भी अस्पताल पहुंच गया। बताया गया है कि महिला गोरा गांव की रहने वाली है और पति से विवाद के चलते मानसिक तनाव में थी। इस साहसिक बचाव अभियान में बलराम नागपुरे, रघुनाथ वर्मा, मनोहर बामनिया, राजेश विश्वकर्मा और चौकीदार अनिल की भूमिका को वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहा है।
