भोपाल | राजधानी भोपाल के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) में छात्रों के बीच बढ़ते टकराव और आपसी झगड़ों को गंभीरता से लेते हुए NSUI ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन की निष्क्रियता पर नाराजगी जताते हुए एक विशेष जांच समिति गठित कर दी है। यह समिति आगामी 15 दिनों में घटनाओं की पूरी पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
NSUI भोपाल जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि बीते कुछ समय से आरजीपीवी के छात्रावासों और परिसर में छात्रों के बीच कहासुनी, गुटबाजी और झगड़े की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसके बावजूद न विश्वविद्यालय प्रशासन कोई कदम उठा रहा है और न ही पुलिस द्वारा छात्रों की सुरक्षा को लेकर कोई संजीदगी दिखाई जा रही है।
जांच समिति का गठन
इसी पृष्ठभूमि में NSUI ने छात्र हितों की रक्षा के लिए जांच समिति का गठन किया है, जिसमें जिला उपाध्यक्ष अमित हाटिया, महासचिव अनिमेष गोल्डी, सचिव हर्ष प्रसाद, आरजीपीवी प्रभारी हिमांशु तिवारी और आरजीपीवी अध्यक्ष रोशन आर्य को सदस्य बनाया गया है। यह टीम घटनाओं की गहराई से जांच कर प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार और जिला अध्यक्ष को रिपोर्ट सौंपेगी।
छात्रों के बीच भय
एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने स्पष्ट कहा कि संगठन किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या भय के माहौल को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालयों में पढ़ाई और विकास के लिए माहौल बनना चाहिए, न कि लड़ाई-झगड़े और असुरक्षा का। एनएसयूआई छात्रों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाएगा।”
जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने विश्वविद्यालय प्रशासन की निष्क्रियता को छात्रों में असुरक्षा का कारण बताते हुए कहा कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो संगठन बड़ा जन आंदोलन भी कर सकता है।
क्या कहता है छात्रवृत्त?
विश्वविद्यालय से जुड़े कई छात्र हालिया घटनाओं के बाद असहज महसूस कर रहे हैं। एक छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कई बार शिकायतों के बावजूद प्रबंधन सिर्फ मौखिक आश्वासन देकर मामला टाल देता है। ऐसे में NSUI की इस पहल से उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है।
