भोपाल | राजधानी भोपाल की सड़कों पर बढ़ती आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने एक सघन अभियान चलाया। निगम के डॉग स्क्वाड की टीमों ने राजधानी के अलग-अलग इलाकों से कुल 80 आवारा श्वानों को पकड़कर उन्हें नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण के लिए तीन विभिन्न एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) सेंटरों में भेजा। इनमें से 76 कुत्तों को नसबंदी के बाद वापस उन्हीं क्षेत्रों में छोड़ा गया।
डॉग स्क्वाड की टीमें सक्रिय
नगर निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायण के निर्देश पर डॉग स्क्वाड की टीमें सुबह से ही विभिन्न ज़ोन क्षेत्रों में सक्रिय हो गईं। टीमों ने विशेष रणनीति के तहत आवारा कुत्तों को पकड़ा और उन्हें नसबंदी केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाया। कजलीखेड़ा एबीसी सेंटर में 26 श्वान भेजे गए, आदमपुर केंद्र में भी 26 श्वान ले जाए गए। वहीं, अरवलिया केंद्र को 28 श्वान सौंपे गए। कुल मिलाकर 80 श्वानों को नसबंदी प्रक्रिया के लिए भेजा गया।
नसबंदी के बाद कुल 76 श्वानों को उनके पकड़े गए स्थानों के आसपास पुनः छोड़ा गया, जिससे उनका प्राकृतिक पर्यावरण बना रहे। शेष चार श्वानों को फिलहाल निगरानी में रखा गया है, जिनकी स्थिति पर पशु चिकित्सकों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।
नगर निगम द्वारा आवारा श्वानों की नसबंदी व एंटीरैबीज टीकाकरण की कार्रवाई जारी है।
इसी क्रम में डॉग स्क्वॉड ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों से 51 आवारा श्वानों को पकड़कर कजलीखेड़ा व अरवलिया स्थित एबीसी सेंटर भेजा। नसबंदी उपरांत 38 श्वानों को वापस छोड़ा गया। pic.twitter.com/wMbYMjBRXS
— Bhopal Municipal Corporation (@BMCBhopal) August 5, 2025
लोगों से की ये अपील
नगर निगम के अनुसार यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं, बल्कि एक सतत प्रक्रिया का हिस्सा है। शहरवासियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह अभियान नियमित रूप से चलता रहेगा। अधिकारियों का मानना है कि नसबंदी के साथ-साथ एंटी-रेबीज टीकाकरण भी अत्यंत आवश्यक है, ताकि कुत्तों के माध्यम से फैलने वाली बीमारियों पर अंकुश लगाया जा सके।
निगम ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें। यदि किसी क्षेत्र में अधिक संख्या में आवारा कुत्ते मौजूद हैं या किसी विशेष गतिविधि की जानकारी हो, तो इसकी सूचना तत्काल निगम के संबंधित जोन कार्यालय को दी जाए।
