भोपाल | राजधानी भोपाल में क्रिस्प के 29वें स्थापना दिवस समारोह का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में किया गया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का वीडियो संदेश भी प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में सक्षम योजना और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सेंटर फॉर रिसर्च एंड इंडस्ट्रियल स्टाफ परफॉर्मेंस (क्रिस्प) प्रदेश के विभिन्न उद्योगों की रोजगार मांग का आकलन कर उसी के अनुसार कौशल विकास कार्यक्रम तैयार करे। उन्होंने बल दिया कि स्थानीय उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण देकर युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
‘फोरलेन मॉडल’ से बढ़ेंगे अवसर
राज्यपाल पटेल ने कहा कि विकेंद्रीकरण, स्वदेशी, उद्यमिता और सहकारिता आधारित ‘फोरलेन मॉडल’ रोजगार वृद्धि में कारगर हो सकता है। उन्होंने कहा कि कृषि अब भी युवाओं का सबसे बड़ा रोजगार क्षेत्र है, जबकि लघु एवं कुटीर उद्योग भी ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने आज कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में सेंटर फॉर रिसर्च एण्ड इंडस्ट्रियल स्टाफ परफॉर्मेंस @crispindia_के 29वें स्थापना दिवस समारोह में विभिन्न योजनाओं के तहत कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्तकर्ता प्रशिक्षणार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किये pic.twitter.com/yMnW0pNB2h
— Governor of Madhya Pradesh (@GovernorMP) August 12, 2025
संभाग स्तर पर क्रिस्प के केंद्र
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि क्रिस्प के केंद्र संभाग स्तर पर स्थापित किए जाएंगे, जिससे बढ़ती कुशल श्रमिकों की मांग को पूरा किया जा सके। पहला केंद्र उज्जैन में स्थापित होगा। कार्यक्रम में क्रिस्प ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल, क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय खरगौन और देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के साथ एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए। 1997 में स्थापित क्रिस्प अब तक लगभग 1.5 लाख विद्यार्थियों, 1500 प्रशिक्षकों और 10,000 से अधिक सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर चुका है।
