भोपाल | राजधानी भोपाल की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने ओपीडी का निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। इस अभियान के तहत, जिला स्तरीय अधिकारी प्रतिदिन सुबह 9:00 से 10:00 बजे के बीच शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण में कई खामियां सामने आईं। सिविल अस्पताल बैरागढ़ और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रातीबड़ में डेढ़ दर्जन से अधिक स्वास्थ्यकर्मी सुबह 9:30 बजे तक ड्यूटी पर अनुपस्थित पाए गए।
संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नियमित निरीक्षण
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय की ओर से नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। इसमें न केवल स्टाफ की उपस्थिति देखी जा रही है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, संस्था के स्वास्थ्य सूचकांक और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का भी मूल्यांकन किया जा रहा है। सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के लिए यह बेहद आवश्यक है कि चिकित्सक और स्टाफ समय पर उपस्थित रहें। उन्होंने कहा कि विगत दिनों देर से आने पर 100 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इसका असर अब दिखाई देने लगा है। जिले की अधिकांश स्वास्थ्य संस्थाओं में निरीक्षण के दौरान स्टाफ समय पर उपस्थित पाया गया, जिससे ओपीडी सेवाओं में सुधार दर्ज हुआ है।
सुधार जारी
डॉ. शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में सुबह और शाम दोनों समय की ओपीडी का औचक निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि समय की पाबंदी को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका कहना था कि मरीजों को समय पर चिकित्सकीय परामर्श और दवा मिलना स्वास्थ्य व्यवस्था की बुनियादी जिम्मेदारी है। स्वास्थ्य विभाग के इस कदम से मरीजों में भी संतोष देखा जा रहा है। पहले जहां अक्सर डॉक्टरों और स्टाफ की अनुपस्थिति की शिकायतें मिलती थीं। वहीं, अब नियमित निरीक्षण से स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। विभाग का मानना है कि पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने से ही जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
