भोपाल | सुरक्षा कारणों को देखते हुए राजधानी के भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) परिसर को अब पूरी तरह नो-ड्रोन जोन घोषित कर दिया गया है। पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163(2) के तहत यह आदेश जारी किया है। आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी दो महीने तक मान्य रहेगा।
सुरक्षा को लेकर सख्ती
भोपाल का भेल परिसर देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठानों में गिना जाता है। यहां रक्षा, ऊर्जा और भारी उद्योग से जुड़े कई अहम उपकरण बनाए जाते हैं। इसी वजह से इसे संवेदनशील क्षेत्र मानते हुए प्रशासन ने ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। पुलिस का मानना है कि ड्रोन के जरिए जासूसी, आकाशीय खतरे या किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को अंजाम देने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना अपराध
आदेश के मुताबिक, अब भेल परिसर और उसके आसपास कोई भी व्यक्ति, संस्था या कंपनी ड्रोन का इस्तेमाल नहीं कर सकेगी। अगर किसी विशेष काम के लिए ड्रोन का इस्तेमाल जरूरी है, तो इसके लिए प्रशासन और पुलिस से पूर्व अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति ड्रोन उड़ाते पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दो महीने तक लागू रहेगा आदेश
पुलिस आयुक्त द्वारा जारी आदेश की समयसीमा दो महीने के लिए तय की गई है। हालांकि हालात और सुरक्षा की आवश्यकता को देखते हुए इसकी अवधि आगे भी बढ़ाई जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि भोपाल जैसे औद्योगिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर में सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जा सकता।
प्रशासन की अपील
पुलिस ने नागरिकों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे आदेश का पालन करें और बिना अनुमति ड्रोन का इस्तेमाल न करें। अगर किसी को परिसर में संदिग्ध गतिविधि या ड्रोन उड़ता हुआ दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें।
भोपाल का भेल परिसर जहां हजारों कर्मचारी काम करते हैं और महत्वपूर्ण उत्पादन गतिविधियां होती हैं, वहां अब सुरक्षा के मद्देनज़र आसमान से भी निगरानी कड़ी कर दी गई है। दो महीने के लिए लागू यह आदेश आम लोगों को सीधे तौर पर प्रभावित नहीं करेगा, लेकिन इससे यह संदेश जरूर जाता है कि संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा में अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
