भोपाल | राजधानी भोपाल में जल्द ही एक अत्याधुनिक सुरभि गौशाला आकार लेगी। बुधवार को कमिश्नर कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में संभागायुक्त संजीव सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा जाए और तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए।
संभागायुक्त ने कहा कि यह परियोजना मुख्यमंत्री मोहन यादव की विशेष प्राथमिकता में शामिल है, इसलिए इसमें किसी तरह की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभागों के बीच तालमेल बनाकर हर स्तर पर काम तेजी से आगे बढ़ाया जाए।
11 करोड़ 35 लाख की लागत
बैठक में जानकारी दी गई कि पहले चरण में 11 करोड़ 35 लाख रुपये की राशि से गौशाला का निर्माण होगा। योजना के अनुसार दिसंबर 2025 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यहां लगभग दो हजार गायों के लिए चार बड़े शेड तैयार किए जाएंगे। प्रत्येक शेड में करीब 500 गायों को रखने की व्यवस्था होगी और उनके सामने खुला मैदान भी रहेगा।
बीमार गायों के लिए अलग व्यवस्था
गौशाला में बीमार और घायल गायों के लिए विशेष इंतज़ाम किए जाएंगे। इसके तहत दो शेड बनाए जा रहे हैं – एक आईसीयू और दूसरा जनरल वार्ड। इसके अलावा चारा भंडारण के लिए अलग शेड और बछड़ों के लिए विशेष शेड भी बनाया जाएगा। पानी की आपूर्ति के लिए एक लाख लीटर क्षमता की टंकी और संपबेल तैयार की जाएगी।
संभागायुक्त सिंह ने कहा कि केवल निर्माण ही नहीं, बल्कि संचालन की व्यवस्था पर भी अभी से काम होना चाहिए। गायों के भोजन और देखरेख के लिए टेंडर प्रक्रिया समय रहते पूरी कर ली जाए ताकि गौशाला शुरू होते ही सभी सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्ताहीन कार्य स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
आधुनिक सुविधाओं से लैस
गौशाला परिसर में प्रशासनिक भवन, कर्मचारियों के लिए आवास और कार्यालय भी बनाए जाएंगे। योजना के क्रियान्वयन में संयुक्त आयुक्त (विकास) सहित संबंधित विभागों के अधिकारी सक्रिय रूप से शामिल हैं। संभागायुक्त ने अंत में कहा कि यह गौशाला न सिर्फ गायों के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम होगी, बल्कि प्रदेश में पशुपालन और पशु कल्याण के क्षेत्र में आदर्श मॉडल साबित हो सकती है।
