भोपाल | मध्यप्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए केंद्र सरकार ने शनिवार को बड़ी सौगात दी। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि प्रदेश में सड़क और परिवहन सुविधाओं के विस्तार के लिए 60 हजार करोड़ रुपए से अधिक की नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
गडकरी ने बताया कि भोपाल से जबलपुर के बीच 255 किलोमीटर लंबा नया ग्रीनफील्ड हाईवे बनाया जाएगा। इससे दोनों शहरों के बीच सफर का समय कम होगा और औद्योगिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी। इसी तरह भोपाल से इंदौर के बीच 160 किमी लंबे ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की भी स्वीकृति दी गई है।
टाइगर कॉरिडोर और पर्यटन को बढ़ावा
प्रदेश के पर्यटन और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए गडकरी ने टाइगर कॉरिडोर बनाने की घोषणा की। इसके जरिए कान्हा, बांधवगढ़, पन्ना और पेंच जैसे टाइगर रिजर्व एक-दूसरे से जुड़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
📢 मध्य प्रदेश 🛣
विकास के पथ पर अग्रसर मध्य प्रदेश! मिली नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की सौगात!#PragatiKaHighway #GatiShakti@DrMohanYadav51 pic.twitter.com/lU7DJZE7xs
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) August 23, 2025
7 रोपवे और आधुनिक परिवहन साधन
गडकरी ने बताया कि प्रदेश में 2100 करोड़ रुपए की लागत से 7 रोपवे बनाए जा रहे हैं। इनमें उज्जैन में महाकाल मंदिर और जबलपुर में एम्पायर टॉकीज से गुरुद्वारा तक के रोपवे शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सड़क नेटवर्क के साथ-साथ अब परिवहन के साधन भी विश्वस्तरीय बनाए जाएंगे।
सीधा जुड़ाव विशाखापट्टनम पोर्ट से
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रदेश को अब सीधे विशाखापट्टनम बंदरगाह से जोड़ा जाएगा। लखनादौन से रायपुर तक बनने वाले 220 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर से यह संभव होगा। इससे उद्योगों को निर्यात का सीधा मार्ग मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
गडकरी ने कहा कि भविष्य का ईंधन हाइड्रोजन होगा। किसानों को अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता बनाने की दिशा में काम हो रहा है। आने वाले समय में वैकल्पिक ऊर्जा से देश की ऊर्जा जरूरतें पूरी होंगी और भारत ऊर्जा निर्यातक देश बनेगा।
मुख्यमंत्री का आभार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गडकरी के प्रबंधन का यह कमाल है कि देश के अधोसंरचना विकास में कभी पैसों की कमी नहीं होती। उन्होंने कहा कि सड़कें और परिवहन किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं और इन परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी।
