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भोपाल में लापरवाह स्वास्थ्यकर्मियों पर CMHO का शिकंजा, निलंबन और वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई शुरू

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Published On: 24 August 2025

भोपाल | स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनीष शर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। मातृ स्वास्थ्य सेवाओं और प्रसव पूर्व पंजीकरण में उदासीनता दिखाने वाले सवा दर्जन से अधिक कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। इसमें निलंबन, वेतन वृद्धि रोकने और नोटिस जारी करने जैसी कड़ी कार्यवाहियां शामिल हैं।

मैदानी स्तर पर गड़बड़ी उजागर

सीएमएचओ ने कोलार और गोविंदपुरा क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। इस दौरान पाया गया कि अनमोल पोर्टल पर प्रसव पूर्व पंजीकरण की संख्या बेहद कम है और कई कर्मचारी अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन नहीं कर रहे हैं। समीक्षा बैठक में लापरवाही साफ तौर पर सामने आई, जिस पर सीएमएचओ ने नाराजगी जताई और तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए।

किस पर हुई कार्रवाई?

कोलार सर्किल के वार्ड 51 की एएनएम को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, वार्ड 82 और 84 की एएनएम की वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने की कार्यवाही शुरू की गई है। इसके अलावा अन्य वार्डों में भी कई कर्मचारियों पर नोटिस जारी किए गए हैं।

कार्यवाही की जद में आने वालों में वार्ड 51 की सुषमा मंडल और सृष्टि धवाले, वार्ड 82 की कविता सिंह और फूलकली सिंह, वार्ड 84 की प्रीतु पटेल और दिव्या अहिरवार, वार्ड 12 की शांति खबसे और ममता मानकपुरी, वार्ड 16 की राखी राठौर और राजकुमारी कोरी, वार्ड 64 की सारिका भालेकर और संतोष शुक्ला, वार्ड 66 की रीता कौरव और प्रेमलता नागले तथा वार्ड 67 की उमा भराड़े शामिल हैं।

मातृ स्वास्थ्य सेवाएं प्राथमिकता

डॉ. शर्मा ने कहा कि सुरक्षित मातृत्व सेवाएं शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। ऐसे में कर्मचारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी कर्मचारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही करेगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी।

सीएमएचओ ने सभी प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रतिदिन पोर्टल आधारित समीक्षा की जाए ताकि योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन हो सके और हितग्राहियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। डॉ. शर्मा ने साफ कहा कि अब स्वास्थ्य सेवाओं में ढिलाई को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासन की मंशा है कि हर गर्भवती महिला को समय पर जांच, परामर्श और सुरक्षित प्रसव की सुविधा मिले।

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