भोपाल | पश्चिम मध्य रेलवे भोपाल मंडल के रेल सुरक्षा बल (RPF) ने यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे परिसर में बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए मिशन ऑक्टोपस की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्देश्य ट्रेनों और स्टेशनों में होने वाली घटनाओं जैसे पत्थरबाजी, मोबाइल चोरी, अनाधिकृत हॉकिंग-वेंडिंग, चैन पुलिंग, ट्रेसपासिंग और अन्य यात्री संबंधी अपराधों पर सख्त कार्रवाई करना है।
अब तक हुई बड़ी कार्रवाइयां
- आरपीएफ ने जुलाई और अगस्त 2025 के बीच मिशन के तहत कई बड़ी कार्रवाई की हैं:
- 1742 वेंडरों पर अनाधिकृत हॉकिंग और वेंडिंग के लिए कार्रवाई।
- 83 बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके परिजनों तक पहुँचाया गया।
- 370 लोगों पर रेलवे परिसर में अवैध प्रवेश करने पर कार्यवाही।
- 1004 यात्रियों पर अलार्म चेन पुलिंग करने के आरोप में कार्रवाई।
- 19 मामलों में चोरी, पत्थरबाजी और महिला संबंधी अपराधों पर सख्त कदम।
नशे के खिलाफ बड़ी सफलता
- मिशन ऑक्टोपस के दौरान आरपीएफ ने कस्टम विभाग के सहयोग से नशे की तस्करी रोकने में भी उल्लेखनीय सफलता पाई।
- भोपाल पोस्ट ने 24.18 किलो हाइड्रोपोनिक गांजा पकड़ा, जिसकी बाजार कीमत लगभग 24.18 करोड़ रुपये आँकी गई।
- रानी कमलापति पोस्ट ने 5.50 किलो गांजा बरामद किया, जिसकी कीमत करीब 1.20 लाख रुपये है।
- यह कार्रवाई रेलवे सुरक्षा बल की सतर्कता और संगठित प्रयासों का बड़ा उदाहरण है।
ऑक्टोपस क्यों नाम रखा गया?
इस मिशन का नाम ऑक्टोपस इसलिए रखा गया है क्योंकि जिस तरह ऑक्टोपस के कई पैर एक साथ काम करते हैं, उसी तरह यह मिशन भी रेलवे में घटित विभिन्न अपराधों को एक साथ टारगेट करता है।
यह अभियान पश्चिम मध्य रेल के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त राजीव कुमार यादव के मार्गदर्शन और भोपाल मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त डॉ. अभिषेक के निर्देशन में चलाया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस मिशन से रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी तथा यात्रियों का विश्वास बढ़ेगा।
