उज्जैन | मध्यप्रदेश में पुलिस सहायता के लिए अब लोगों को 100 नंबर डायल करने की जरूरत नहीं होगी। इसकी जगह अब एकीकृत आपातकालीन सेवा नंबर 112 शुरू किया गया है। इस नई सुविधा के तहत उज्जैन जिले को 35 नई गाड़ियां मिली हैं, जिन्हें शुक्रवार को उज्जैन पुलिस लाइन से विधिवत पूजन-पाठ और फ्लैग मार्च के साथ रवाना किया गया।
इस मौके पर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेश नाथ, कलेक्टर रोशन सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा सहित जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
दोनों में मिलेगी सेवा
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि जिले के लिए कुल 35 गाड़ियां आवंटित हुई हैं। इनमें से 24 गाड़ियां शहर में और 11 गाड़ियां ग्रामीण इलाकों में तैनात की जाएंगी। प्रत्येक वाहन में फ्रंट और बैक साइड पर दो कैमरे लगाए गए हैं। ये वाहन न केवल पुलिस बल्कि फायर ब्रिगेड और अस्पताल सेवाओं से भी जुड़े होंगे यानी किसी छोटी आगजनी, सड़क हादसे या स्वास्थ्य आपात स्थिति में भी ये गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचकर मदद करेंगी।
नई सेवा में तकनीकी सुविधाएं
- प्रत्येक शिफ्ट में 100 एजेंट क्षमता वाला नया कॉन्टैक्ट सेंटर, जिसमें 40 सीटों की डिस्पैच यूनिट होगी।
- नंबर मास्किंग सुविधा, जिससे कॉल करने वाले व्यक्ति का मोबाइल नंबर पुलिस को नहीं दिखेगा।
- लोगों से संवाद और शिकायत ट्रैकिंग के लिए चैटबोट सुविधा।
- वाहनों में लगे डैशबोर्ड कैमरे और बॉडी वार्न कैमरे पारदर्शिता बनाए रखने में मदद करेंगे।
फ्लैग मार्च के साथ शुभारंभ
शुक्रवार को उज्जैन पुलिस ने सभी 35 वाहनों के साथ शहर में फ्लैग मार्च निकाला। अधिकारियों का मानना है कि नई व्यवस्था से न केवल पुलिस की प्रतिक्रिया समय घटेगा बल्कि ग्रामीण और शहरी, दोनों ही क्षेत्रों में लोगों को तेज और सुरक्षित मदद मिलेगी।
| सुविधा | विवरण |
|---|---|
| नया आपातकालीन नंबर | 112 |
| जिले को मिली गाड़ियां | 35 (24 शहर, 11 ग्रामीण) |
| तकनीकी विशेषताएं | फ्रंट और बैक कैमरे, बॉडी वार्न कैमरा |
| सेवाएं | पुलिस, फायर, एम्बुलेंस, अस्पताल |
| अतिरिक्त सुविधा | नंबर मास्किंग, चैटबोट, ट्रैकिंग |
