भोपाल | मध्य प्रदेश शासन द्वारा हर वर्ष की तरह इस बार भी 31 अगस्त को “विमुक्ति दिवस” मनाया जाएगा। जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन रविवार सुबह 11 बजे से विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमन्तु बालक छात्रावास परिसर में किया जाएगा। इस अवसर पर समाज के जन सामान्य, विद्यार्थी, समाजसेवी और हितग्राही बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
सामाजिक समरसता का प्रतीक
सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमन्तु विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह उत्सव समाज में समानता और जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनाया जाता है। कार्यक्रम में विमुक्त एवं घुमंतू समाज के योगदान, उनके इतिहास और परंपराओं को प्रमुखता से रखा जाएगा।
समाज के उत्थान पर होगा जोर
इस उत्सव में वक्ता और समाजसेवी विमुक्त और घुमंतू समाज के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर विचार साझा करेंगे। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने पर भी चर्चा होगी। विभाग का मानना है कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक सोच और प्रेरणा का संचार करते हैं।
हितग्राहियों और विद्यार्थियों की भागीदारी
कार्यक्रम में छात्रावास में अध्ययनरत विद्यार्थी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। उन्हें न केवल समाज के इतिहास से अवगत कराया जाएगा बल्कि उनके भविष्य निर्माण को लेकर भी मार्गदर्शन दिया जाएगा। विभागीय अधिकारी और समाज के वरिष्ठजन विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे।
सरकार की पहल से बढ़ेगा विश्वास
मध्य प्रदेश शासन लगातार विमुक्त और घुमंतू समाज के विकास के लिए प्रयासरत है। विभिन्न योजनाओं और शैक्षणिक सुविधाओं के माध्यम से इन वर्गों के बच्चों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है। विमुक्ति दिवस का आयोजन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे समाज को अपनी सांस्कृतिक पहचान के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।
