भोपाल | तीसरी नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन और व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से सोमवार को जिला न्यायालय परिसर से प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि लोक अदालत न्याय तक त्वरित और सरल पहुंच का माध्यम है, जिससे न केवल पक्षकारों का समय और धन बचता है बल्कि आपसी रिश्तों में भी मधुरता बनी रहती है।
लोक अदालत का आयोजन
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार 13 सितम्बर 2025 को राज्यभर में वर्ष 2025 की तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। भोपाल में इसके प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी जिला न्यायालय और विधिक सेवा प्राधिकरण ने मिलकर संभाली है।
प्रचार रथ की भूमिका
प्रचार रथ में लोक अदालत से संबंधित जिंगल्स और फ्लेक्स बैनर लगाए गए हैं। ये वाहन भोपाल शहर के विभिन्न इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में भी पहुंचेंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग लोक अदालत की जानकारी प्राप्त कर सकें और इसका लाभ उठा सकें।
नेशनल लोक अदालत का आयोजन 13 सितंबर को।@JansamparkMP @CMMadhyaPradesh @DrMohanYadav51 @udaypratapmp @minlaw5 @jbpcommissioner #katni #कटनी pic.twitter.com/ucaFx22Vmk
— Jansampark Katni (@JansamparkK) August 29, 2025
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी
इस अवसर पर जिला न्यायाधीश संजय कुमार शाही, जिला न्यायाधीश संतोष कौल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अग्नीन्ध कुमार द्विवेदी, सचिव जिविसेप्रा सुनीत अग्रवाल, जिला विधिक सहायता अधिकारी बी.एम. सिंह, जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष दीपक खरे, महासचिव मनोज श्रीवास्तव समेत कई पदाधिकारी और विद्युत विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
लोक अदालत के लाभ
- आपसी सद्भाव और रिश्तों में मधुरता बनी रहती है।
- समय, धन और श्रम की बचत होती है।
- न्याय शुल्क वापस मिलता है।
- आदेश अंतिम होता है और इसके विरुद्ध अपील की गुंजाइश नहीं रहती।
- विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है।
