स्वच्छता में देशभर में नंबर वन शहर इंदौर को गुरुवार को एक और बड़ी सौगात मिली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर से 50 इलेक्ट्रिक एसी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये बसें अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं और लास्ट माइल कनेक्टिविटी के साथ-साथ ग्रीन मोबिलिटी को प्रोत्साहन देंगी। प्रत्येक बस की कीमत लगभग 1.2 करोड़ रुपए है, और इनकी कुल लागत 60 करोड़ रुपए रही।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन पर्यावरण हितैषी बसों के संचालन से शहरवासियों को आधुनिक और आरामदायक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। यह बसें सिंगल चार्ज और अपॉरच्युनिटी चार्जिंग के साथ प्रतिदिन लगभग 180 किलोमीटर का सफर तय कर सकेंगी। सरकार ने इन बसों के संचालन को नेट कास्ट मॉडल पर चलाने का निर्णय लिया है, जिसमें AMRUT योजना के अंतर्गत 40 प्रतिशत वित्तीय सहयोग मिलेगा और ऑपरेशन कॉस्ट शून्य रहेगी।
सफाई मित्रों को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सफाई मित्रों को सम्मानित किया और उनके साथ स्नेह भोज भी किया। उन्होंने कहा कि इंदौर की स्वच्छता की सफलता के पीछे सफाई मित्रों का अथक परिश्रम है। केंद्र सरकार हर बार स्वच्छता की नई कसौटी सामने रखती रही, लेकिन इंदौर के स्वच्छता सिपाही हर चुनौती पर खरे उतरे और शहर को लगातार नंबर वन बनाए रखा। सीएम ने इंदौर की स्वच्छता को सात जन्मों का रिश्ता बताते हुए कहा कि यहां जो होता है, वह हमेशा सर्वश्रेष्ठ होता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर, इंदौर में ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ विषय पर आयोजित राष्ट्रव्यापी विचार एवं परामर्श सम्मलेन में सहभागिता #indore https://t.co/m4PeMjyFX9
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) September 4, 2025
एक राष्ट्र, एक चुनाव
इसी अवसर पर बीसीसी में आयोजित एक राष्ट्र, एक चुनाव विषयक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि 1969 तक यह व्यवस्था लागू थी, लेकिन वोट की राजनीति करने वालों ने इसे खंडित कर दिया। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने अपने स्वार्थ के लिए संविधान में बदलाव किए और चुनावी प्रक्रिया को टुकड़ों में बाँट दिया।
