दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 पर उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब सुरक्षा जांच के दौरान एक यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक जवान ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए यात्री को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू किया। जवान की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से यात्री की जान बच गई। इस घटना से एक बार फिर साबित हुआ कि आपात स्थिति में CISF के जवान यात्रियों की सुरक्षा और जीवन बचाने में हमेशा तत्पर रहते हैं।
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 1 पर एक बड़ा हादसा टल गया, जब सुरक्षा जांच के दौरान एक यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद CISF के सतर्क जवान ने तुरंत सीपीआर देकर यात्री की जान बचा ली।
CISF जवान ने बचाई यात्री की जान
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 1 पर उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब यात्री मोहम्मद मुख्तार आलम सुरक्षा जांच के दौरान अचानक दिल का दौरा पड़ने से बेहोश होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद CISF के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए यात्री को सीपीआर देना शुरू किया। यह आपातकालीन प्रक्रिया दिल की धड़कन को दोबारा शुरू करने में मदद करती है। वीरेंद्र सिंह की त्वरित सूझबूझ और कार्रवाई की बदौलत कुछ ही देर में यात्री की सांसें लौट आईं और उन्हें होश आ गया, जिससे उनकी जान बच गई।
दिल्ली एयरपोर्ट T1 पर CISF की तत्परता से एक यात्री की जान बच गई।
1 सितम्बर को गया जाने वाले यात्री की अचानक सुरक्षा जांच क्षेत्र के पास तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया।
मौके पर मौजूद CISF के SI/Exe वीरेंद्र सिंह ने तुरंत CPR देकर उसकी जान बचाई | #CAPF #DisasterRelief pic.twitter.com/aUqqP9kNYJ— NATION FIRST (@N_First_01) September 4, 2025
दिल्ली एयरपोर्ट पर टला हादसा
दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्री की जान बचाने वाले CISF जवान वीरेंद्र सिंह का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्हें बेहोश हुए यात्री को सीपीआर देते हुए देखा जा सकता है। यूजर्स उनकी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा की जमकर तारीफ कर रहे हैं। सीपीआर देने के तुरंत बाद डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची और यात्री को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों का कहना है कि यदि समय पर सीपीआर न दिया गया होता तो यात्री की जान बचाना बेहद मुश्किल हो सकता था।
