इस साल पितृ पक्ष 7 सितंबर से 21 सितंबर तक मनाया जाएगा। यह हिंदू पंचांग का एक खास समय है, इसमें लोग अपने दिवंगत पूर्वजों की आत्मा की शांति और आशीर्वाद के लिए श्राद्ध, तर्पण और पूजा-पाठ करते हैं। इस दौरान पितरों को भोजन अर्पित कर उनका सम्मान किया जाता है। ध्यान दें कि पितृ पक्ष में घर में झाड़ू, नमक और सरसों का तेल नहीं लाना चाहिए। पितृ पक्ष में केवल साफ-सुथरी, पवित्र और शुद्ध सामग्री का ही उपयोग करना चाहिए, जिससे पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और पुण्य दोनों का लाभ मिल सके।
पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए किए जाने वाले अनुष्ठानों में कुछ चीजों को घर लाने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अगर पितृ पक्ष में घर में ये चीजें रख दी जाएँ तो भयंकर दोष लग सकता है।
पितृ पक्ष के दौरान हिंदू परिवार 15 दिनों तक अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और आशीर्वाद के लिए श्राद्ध, तर्पण और पूजा-पाठ करते हैं और उन्हें भोजन अर्पित करते हैं। इस समय घर में कुछ चीज़े नहीं लाना चाहिए, क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है।
झाड़ू
पितृ पक्ष के दौरान घर में झाड़ू लाने को लेकर खास सावधानी बरती जाती है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, झाड़ू केवल सफाई का साधन नहीं बल्कि देवी लक्ष्मी का प्रतीक है और यह घर में धन, समृद्धि और पवित्रता का संकेत देती है। पितृ पक्ष में नई झाड़ू लाना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इस समय परिवार का ध्यान भौतिक संपत्ति से हटकर पूर्वजों की स्मृति और आध्यात्मिक संतुलन पर केंद्रित होता है। नई झाड़ू लाने से माना जाता है कि पितरों की आत्मा की शांति बाधित हो सकती है। इसलिए इस दौरान परिवार को पुरानी झाड़ू का ही उपयोग करना चाहिए और पितृ पक्ष समाप्त होने तक नई झाड़ू घर न लाने की सलाह दी जाती है।
नमक
पितृ पक्ष के दौरान नमक का विशेष महत्व है। इस समय भोजन को सात्विक और सादा रखना जरूरी होता है, इसलिए नया नमक लाना अशुभ माना जाता है। माना जाता है कि पितृ पक्ष में नया नमक घर में असंतुलन और कलह पैदा कर सकता है। श्राद्ध में पितरों को अर्पित किए जाने वाले भोजन में अधिक नमक और मसाले नहीं होते। इसलिए इस अवधि की शुरुआत से पहले ही पर्याप्त नमक घर में रखना चाहिए और पितृ पक्ष खत्म होने तक नया नमक नहीं खरीदना चाहिए।
सरसों का तेल
पितृ पक्ष के दौरान घर में नया सरसों का तेल लाना शुभ नहीं माना जाता। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सरसों का तेल शोक और मृत्यु से जुड़े अनुष्ठानों से जुड़ा होता है, इसलिए इस समय इसका उपयोग नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाला माना जाता है। पितृ पक्ष पूर्वजों की आत्मा की शांति और स्मरण से जुड़ा होता है, इसलिए इन दिनों घर में नया सरसों का तेल लाना या ज्यादा इस्तेमाल करना अशुभ माना जाता है।
पितृ पक्ष के 15 दिनों में घर में नई झाड़ू, नया नमक और नया सरसों का तेल नहीं लाने की परंपरा है। इसका उद्देश्य परिवार को भौतिक चीजों से हटाकर पूर्वजों की स्मृति और उनकी आत्मा की शांति पर ध्यान केंद्रित करना है, ताकि इस समय आध्यात्मिक संतुलन और पितरों की सेवा को प्राथमिकता दी जा सके।
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. MPNews इनकी पुष्टि नहीं करता है।
