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स्वच्छता में फिर नंबर-1, अब वायु गुणवत्ता में भी इंदौर ने रचा इतिहास; दिल्ली में मिला सम्मान

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Published On: 9 September 2025

देश का सबसे स्वच्छ शहर कहलाने वाला इंदौर एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार शहर ने सिर्फ सफाई ही नहीं बल्कि स्वच्छ हवा के क्षेत्र में भी नया कीर्तिमान बनाया है। दिल्ली स्थित पर्यावरण भवन में मंगलवार दोपहर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इंदौर को स्वच्छ वायु अवॉर्ड से नवाजा। खास बात यह रही कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में इंदौर ने पूरे 200 में से 200 अंक हासिल किए और देशभर में प्रथम स्थान पाया।

इंदौर का जलवा

अवॉर्ड लेने के लिए इंदौर से महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सांसद शंकर लालवानी, एमआईसी सदस्य अभिषेक शर्मा ‘बबलू’, अश्विनी शुक्ला और अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया दिल्ली पहुंचे थे। जब इंदौर का नाम घोषित हुआ तो पूरे हॉल में तालियां गूंज उठीं। इस पल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि इंदौर न सिर्फ सफाई में बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मिसाल कायम कर रहा है।

“जनता की जागरूकता का नतीजा”

अवॉर्ड लेने के बाद महापौर भार्गव ने कहा, “इंदौर में स्वच्छ हवा और प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए जो प्रयास किए गए हैं, उनकी राष्ट्रीय स्तर पर सराहना होना गर्व की बात है। यह सम्मान इंदौर की जनता की जागरूकता और उनकी सक्रिय भागीदारी का नतीजा है। लोग अगर अपने स्तर पर जागरूक न हों तो प्रशासनिक कोशिशें अधूरी रह जातीं।”

वेटलैंड सिटी का सम्मान भी

इसी समारोह में इंदौर को एक और बड़ी उपलब्धि मिली। संयुक्त राष्ट्र ने इंदौर को वेटलैंड सिटी का दर्जा दिया है। इसका प्रमाण-पत्र भी केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने ही प्रदान किया। महापौर भार्गव ने इसे इंदौर के लिए दोहरी खुशी बताया। उन्होंने कहा, “एक साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतने बड़े सम्मान मिलना इंदौर के लिए ऐतिहासिक है। यह शहरवासियों की मेहनत और उनकी जिम्मेदारी का परिणाम है।”

क्यों खास है यह उपलब्धि

इंदौर लगातार सात बार देश का सबसे स्वच्छ शहर चुना जा चुका है। लेकिन स्वच्छ वायु अवॉर्ड इस बात का सबूत है कि शहर अब प्रदूषण नियंत्रण और वायु गुणवत्ता सुधार में भी बाकी शहरों से बहुत आगे है। कचरे के वैज्ञानिक निपटान, ग्रीन बेल्ट के विस्तार, वाहनों से निकलने वाले धुएं पर नियंत्रण और जनभागीदारी की वजह से इंदौर ने 200 में से पूरे 200 अंक हासिल किए। यह पहली बार है जब किसी शहर ने वायु गुणवत्ता के इस स्तर पर परफेक्ट स्कोर बनाया हो।

सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि इंदौर के लोग सिर्फ सफाई नहीं, बल्कि पर्यावरण को बचाने के हर प्रयास में प्रशासन का साथ देते हैं। यही वजह है कि शहर आज पूरे देश में रोल मॉडल बन गया है। वहीं, एमआईसी सदस्य अभिषेक शर्मा ने कहा कि शहर में पेड़ लगाने से लेकर कचरा अलग करने तक हर छोटे प्रयास ने इंदौर को यह मुकाम दिलाया है।

आगे की राह

महापौर ने यह भी कहा कि अब इंदौर का लक्ष्य सिर्फ स्वच्छता और स्वच्छ वायु तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह शहर ग्रीन एनर्जी और वेस्ट मैनेजमेंट में भी देश के लिए उदाहरण बनेगा। उन्होंने जनता से अपील की कि हर नागरिक अपने स्तर पर स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करता रहे।

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