मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा से दिल्ली पुलिस ने ISIS से जुड़े आतंकी को गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम कामरान कुरैशी है, जो ब्यावरा की शहीद कॉलोनी का रहने वाला है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल बुधवार को ब्यावरा पहुंची और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में उसे दबोचकर अपने साथ ले गई। ब्यावरा सिटी थाने के टीआई वीरेंद्र सिंह धाकड़ ने बताया कि शुरुआती जानकारी में यह मामला आर्म्स एक्ट से जुड़ा बताया गया था। कामरान के परिवार का यहां वेल्डिंग का कारोबार है, लेकिन जांच एजेंसियों को उससे कहीं बड़ा खुलासा हाथ लगा है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और केंद्रीय एजेंसियों ने हाल ही में आईएसआईएस मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए पांच संदिग्धों को पकड़ा है। इनसे बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, हथियार और आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल मिले हैं।
5 गिरफ्तार
गिरफ्तार पांच में से दो आरोपी दिल्ली से एक मध्यप्रदेश के ब्यावरा से, एक तेलंगाना के हैदराबाद से और एक झारखंड के रांची से पकड़ा गया है। सबसे बड़ा खुलासा रांची से हुआ, जहां से ग्रुप का मास्टरमाइंड अशरफ दानिश गिरफ्तार किया गया। उसके ठिकाने से एक देसी पिस्टल, जिंदा कारतूस, हाइड्रोक्लोरिक और नाइट्रिक एसिड, सल्फर पाउडर, कॉपर शीट, बॉल बेयरिंग, वायर, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, लैपटॉप, मोबाइल और नकदी जब्त हुई।
मुंबई कनेक्शन भी सामने आया
स्पेशल सेल ने मुंबई में भी छापे मारे हैं। वहां से गिरफ्तार हुए आफताब और सूफियान के ठिकानों से हथियार और विस्फोटक सामग्री मिली है। पुलिस के मुताबिक, ये दोनों भी इसी मॉड्यूल से जुड़े थे और सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में थे।
सोशल मीडिया से भर्ती कर रहे थे युवा
दिल्ली पुलिस ने बताया कि आरोपी भारत में आतंकी वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे। वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर अपने नेटवर्क में शामिल कर रहे थे। इसके लिए अलग-अलग ऑनलाइन ग्रुप भी चलाए जाते थे, जिनके जरिए सांप्रदायिक नफरत फैलाने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही थी।
दिल्ली पुलिस पहले ही इसी केस में अगस्त 2024 में रांची से डॉ. इश्तियाक को पकड़ चुकी है। अब उसी नेटवर्क का सरगना अशरफ दानिश भी गिरफ्त में आ गया। दानिश काफी समय से वांटेड था और पिछले साल हरियाणा में ट्रेनिंग कैंप से भी उसका नाम जुड़ा था।
टला बड़ा हमला
पुलिस सूत्रों का कहना है कि अगर वक्त पर कार्रवाई न होती, तो ये आतंकी देश में किसी बड़े हमले को अंजाम दे सकते थे। कामरान कुरैशी की गिरफ्तारी ने साफ कर दिया है कि आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठन छोटे शहरों में भी अपनी जड़ें फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
