संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव नर्मदा खंड सेवा संस्थान के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल की लिखी पुस्तक कृपा सार का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. भागवत ने दीप प्रज्वलन से की।
पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने मंच से सभी अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि संघ प्रमुख की उपस्थिति नर्मदा परिक्रमा वासियों के लिए साहस, दिशा का प्रतीक है। उन्होंने अपनी नर्मदा यात्रा के अनुभव शेयर किए और बताया कि उन्होंने अपनी पुस्तक को पहले छपने से इसलिए रोका क्योंकि उनका मकसद नर्मदा को बेचना नहीं था। उन्होंने कहा कि नर्मदा हमारी माता है, नदियां हमारी विरासत हैं और ये हमारी जीवन रेखा हैं।
वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद
प्रहलाद पटेल ने बताया कि उन्होंने 2005 में यात्रा की थी और बाद में जब वे केंद्र में संस्कृति मंत्री बने, तब मित्रों ने उन्हें पुस्तक छापने के लिए कहा। उनके पास नर्मदा यात्रा के 72 घंटे और किनारे की वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद थी। उन्होंने कहा कि पुस्तक का विमोचन केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि इसके हर हिस्से का सीधा लाभ गौसेवा और परिक्रमा वासियों को मिलेगा।
Live…परम पूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी द्वारा पुस्तक “परिक्रमा कृपा सार” का विमोचन कार्यक्रम, ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर, इंदौर #परिक्रमा #Parikrama https://t.co/QRVGQeJqFJ
— Prahlad Singh Patel ( वृक्ष से जल, जल से जीवन) (@prahladspatel) September 14, 2025
स्वामी ईश्वरनंद ने नर्मदा परिक्रमा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परिक्रमा सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि जल, वायु, अग्नि, आकाश और शरीर के अनुभवों के माध्यम से जीवन और प्रकृति के साथ आत्मिक जुड़ाव का प्रतीक है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि राजनीति में भी ऊपर उठने के लिए परिक्रमा करनी पड़ती है।
ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल, मंत्री विश्वास सारंग, राकेश शुक्ला, चैतन्य काश्यप, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, तुलसीराम सिलावट, मेयर पुष्यमित्र भार्गव और विधायक गोलू शुक्ला सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस दौरान, संघ प्रमुख की मौजूदगी के बीच विश्व हिंदू परिषद की अखिल भारतीय लीगल सेल का चौथा दो दिवसीय अधिवेशन 13 और 14 सितंबर को मधुर मिलन गार्डन, पीपल्यापाला तालाब पर आयोजित किया गया। इसमें देश भर से 250 से अधिक वरिष्ठ अधिवक्ता, सेवानिवृत्त न्यायाधीश, विधि विशेषज्ञ और विहिप के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए।
