भारत में पितृ पक्ष चल रहा है और यह ऐसा समय होता है, जब लोग अपने पितरों के लिए दान धर्म और तर्पण करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस समय की गई पूजन पाठ पितरों को मोक्ष की प्राप्ति करवाती है और हमें भी शुभ परिणाम देते हैं। आपको बता दें कि गया के अलावा और भी कई जगह हैं, जहां जाकर आप पितरों का पिंडदान कर सकते हैं।
हम जिन जगहों के बारे में आपको बता रहे हैं उनका ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व माना गया है। यहां जाने के बाद पूजन पाठ करने के अलावा आप आध्यात्मिक धरोहरों का दीदार भी कर सकते हैं। चलिए आपको बता देते हैं कि यह स्थान कौन से हैं जहां आप जा सकते हैं।
वाराणसी
पितृपक्ष में जाने के लिए वाराणसी एक बेहतरीन जगह है। श्राद्ध कर्म और तर्पण के लिए कोई शुभ जगह ढूंढ रहे हैं तो यहां पर सब कुछ किया जा सकता है। इसे मोक्ष नगरी कहां जाता है और यहां पितरों का तर्पण करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। यहां पंचगंगा घाट, मणिकर्णिका घाट, असी घाट मौजूद है।
प्रयागराज संगम
पितरों के तर्पण के लिए प्रयागराज संगम भी एक बेहतरीन जगह है। पितृपक्ष के दौरान यहां पर काफी भीड़ देखने को मिलती है। दरअसल यहां पर गंगा, यमुना और सरस्वती नदी का संगम है। ऐसा कहा जाता है कि जो यहां पर पितरों का तर्पण करता है उसके पितरों के साथ परिवार को भी आशीर्वाद की प्राप्ति होती है।
हरिद्वार
अगर आप नई दिल्ली या हरियाणा के आसपास रहते हैं तो हरिद्वार पितरों का दर्शन करने के लिए जा सकते हैं। हरिद्वार गंगा नगरी है जिसकी वजह से पूर्वजों का तर्पण यहां करना अच्छामाना गया है। प्रयागराज की तरह यहां भी तर्पण करना शुभ माना गया है।
