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भोपाल हाट में शुरू हुआ स्वदेशी मेला, व्यंजनों और देसी उत्पादों का अनोखा संगम

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Published On: 16 September 2025

भोपाल हाट में मंगलवार से “स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग” की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसका शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर सेवा का संकल्प लिया है और “वोकल फॉर लोकल” की भावना को आगे बढ़ाया है। इसी कड़ी में 2 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में सेवा पखवाड़ा चलाया जाएगा।

मेले में कुल 40 स्व-सहायता समूह शामिल हुए हैं, जिससे करीब 3600 से ज्यादा परिवारों को सीधा फायदा होगा। यहां गांवों की महिलाएं अपने हाथों से बनाए उत्पाद बेच रही हैं, जिनमें खाने-पीने से लेकर घरेलू सामान और एलईडी तक शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने भी स्टॉलों का अवलोकन किया और वॉटर बॉटल बैग जैसी चीजें खरीदीं। इतना ही नहीं, उन्होंने चाट के स्टॉल पर पानी-पुरी का स्वाद भी लिया।

खरीदारी का मौका

त्योहारों का सीजन सामने है और यही वजह है कि इस मेले को खास महत्व दिया जा रहा है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि अब दीपावली या दशहरे पर विदेशी एलईडी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। गांव की बहन-बेटियों द्वारा बनाई गई स्वदेशी एलईडी और अन्य उत्पाद यहां आसानी से उपलब्ध हैं। मेला 4 दिन तक चलेगा और लोगों को स्वदेशी उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

संस्कृति, विरासत पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की पहचान हमेशा से स्वावलंबन और संस्कृति रही है। दशहरे पर पूरे प्रदेश में धूमधाम से शस्त्र पूजन होगा और यह अवसर इसलिए भी खास है क्योंकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज देश सनातन संस्कृति और स्वदेशी के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

रोजगार के नए अवसर

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदेश में आकर पीएम मित्रा पार्क की नींव रखेंगे। इससे एक लाख से ज्यादा लोगों को सीधा और दो लाख से ज्यादा लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। यहां बनने वाला जैविक कॉटन और वस्त्र दुनिया के बड़े-बड़े देशों तक जाएंगे, जिससे प्रदेश की पहचान वैश्विक स्तर पर बनेगी।

स्व-सहायता समूहों की भूमिका

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि जब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा तो उसमें स्व-सहायता समूहों का बड़ा योगदान होगा। आज ये समूह फूड प्रोसेसिंग से लेकर घरेलू उत्पाद बनाने तक हर क्षेत्र में सक्रिय हैं। भोपाल हाट को दिल्ली हाट की तर्ज पर विकसित करने की योजना भी सरकार ने बनाई है। यह स्वदेशी मेला न सिर्फ त्यौहारों की खरीदारी के लिए खास है बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।

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