देशभर में नवरात्र को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार 22 सितंबर से शारदीय नवरात्र शुरू होंगे और लोग उत्साहित हैं। इसी बीच भोपाल की हुजूर सीट से बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने गरबा पंडालों में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर विवादित बयान दे दिया।
विधायक रामेश्वर शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि गरबा में कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने कहा, “जिसे लगे कि उसके मां-बाप से कोई भूल हो गई है और वह गलत धर्म में पैदा हुआ, वह अगर हिंदू बनना चाहता है तो गरबा में आए। माथे पर तिलक लगाए, मां का प्रसाद खाए, आरती उतारे, धोती-कुर्ता पहनकर आए। अपने परिवार, रिश्तेदार सबको लेकर आए, क्योंकि सबका डीएनए तो हिंदू ही है।”
धर्म बदलने वालों को भी आमंत्रण
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कोई 100 साल पहले, कोई 50 साल पहले मुसलमान या ईसाई बन गया हो, अगर वह देवी की पूजा करना चाहता है तो गरबा में जरूर आए। हम एक चम्मच गंगाजल पिलाएंगे, हिंदू बना देंगे। कोई परेशानी नहीं है। गरबा में आइए, देवी मां की आराधना करिए और हिंदू बनिए।
अलीम कलीम का गरबे में क्या काम? pic.twitter.com/V8A74EvmA4
— Rameshwar Sharma (@rameshwar4111) September 18, 2025
चेतावनी भी दी
उन्होंने कहा कि अगर कोई सिर्फ ढोंग करने या नाटक करने की कोशिश करेगा तो इसका परिणाम गंभीर होगा। विधायक ने चेतावनी दी कि ऐसा करने वालों के लिए ‘इतना इलाज होगा कि जिंदगी भर चलने लायक नहीं रहेगा।’ इससे पहले बीजेपी के एक सांसद ने भी गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर आयोजकों को हिदायत दी थी। अब इस बयान ने न सिर्फ समाज में बहस शुरू कर दी है, बल्कि राजनीतिक और सांस्कृतिक मुद्दा भी खड़ा कर दिया है।
समाज में प्रतिक्रिया
राजनीतिक और सामाजिक विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह बयान धार्मिक भावना को भड़काने वाला है और इससे नवरात्र के समय सामाजिक तनाव बढ़ सकता है। गरबा पंडालों में सभी समुदायों की भागीदारी पर सवाल उठने लगे हैं।
