भोपाल और इंदौर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अलग-अलग मामलों में करोड़ों की अचल संपत्तियां कुर्क की हैं। भोपाल ईडी ने महाराष्ट्र स्थित जूम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की 1.15 करोड़ रुपये की तीन संपत्तियां जब्त कीं, वहीं इंदौर रीजनल ऑफिस ने अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा में पदस्थ रहे विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कमल राठौर की करीब 4.5 करोड़ रुपये मूल्य की 14 संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। दोनों मामलों में ईडी की जांच जारी है।
धोखाधड़ी का आरोप
भोपाल ईडी ने जूम डेवलपर्स के खिलाफ सीबीआई और ईओडब्ल्यू मुंबई की एफआईआर और आरोप-पत्रों के आधार पर पीएमएलए 2002 के तहत जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि कंपनी ने पंजाब नेशनल बैंक और अन्य कंसोर्टियम बैंकों से लिए गए कर्ज की रकम को विभिन्न संयुक्त उद्यमों और सहयोगी कंपनियों के माध्यम से घुमाकर अचल संपत्तियों में निवेश कर दिया।
ईडी इससे पहले ही कंपनी की 131.34 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर चुकी है और पांच अनंतिम कुर्की आदेश जारी किए हैं। साथ ही एक अभियोजन शिकायत और दो पूरक शिकायतें भी दाखिल की गई हैं।
20 करोड़ की हेराफेरी
दूसरी ओर, इंदौर ईडी की टीम ने बीईओ कमल राठौर और अन्य आरोपियों के खिलाफ की गई कार्रवाई में बड़ा खुलासा किया है। वर्ष 2018 से 2023 के बीच एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (IFMS) के जरिए 917 फर्जी बिल तैयार कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। लगभग 20.47 करोड़ रुपये की राशि 134 बैंक खातों में जमा कराई गई।
जांच में पता चला कि राठौर और उनके सहयोगियों ने बड़ी रकम नकद निकाली, रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर की और अलीराजपुर व पन्ना में जमीन व संपत्तियां खरीदीं। बाद में इन संपत्तियों को बेचकर अवैध कमाई को वैध रूप में दिखाने का प्रयास किया गया।
गिरफ्तारी और आगे की जांच
ईडी ने 7 अगस्त 2025 को मुख्य आरोपी कमल राठौर को गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है। इससे पहले एजेंसी ने सर्च ऑपरेशन में आपत्तिजनक दस्तावेज और लाखों रुपये भी जब्त किए थे। एजेंसी का कहना है कि अब तक मिली संपत्तियों की कीमत 4.5 करोड़ रुपये है, लेकिन अन्य संपत्तियों और निवेशों की पहचान के लिए जांच अभी जारी है।
