भोपाल कलेक्टोरेट में हुई समयावधि (टीएल) बैठक में एडीएम अंकुर मेश्राम ने विभागीय लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। अवैध खनिज खनन, पेंडिंग मामलों और कोर्ट में जवाब प्रस्तुत न करने के मुद्दों पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि अब ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट पर नाराजगी
बैठक में कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट से जुड़े मामलों पर चर्चा करते हुए एडीएम मेश्राम ने कहा कि एसडीएम और तहसीलदार समय पर जवाब नहीं देते हैं। इसकी वजह से कई बार कलेक्टर को खुद हाईकोर्ट में पेश होना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगे से सभी अधिकारी समयसीमा का पालन करें और तय समय में जवाब प्रस्तुत करें।
अवैध खनन पर सख्ती
खनिज विभाग को चेतावनी देते हुए एडीएम ने कहा कि अवैध उत्खनन के प्रकरण बनाते समय राजस्व और पुलिस विभाग के साथ समन्वय अनिवार्य है। कई मामलों में नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे कार्रवाई अधूरी रह गई। उन्होंने कहा कि अब सभी विभाग संयुक्त रूप से काम करें ताकि अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।
एडीएम ने राजस्व विभाग की उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे प्रकरण आरसीएमएस पोर्टल पर लंबित पड़े हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि इनका शीघ्र निराकरण किया जाए और आगे कोई भी मामला समय सीमा से बाहर न जाए। साथ ही, रेरा की वसूली की कार्रवाई तेज करने को कहा।
ई-ऑफिस सिस्टम को लागू करने पर जोर
बैठक में एडीएम ने ई-ऑफिस सिस्टम की धीमी प्रगति पर भी चिंता जताई। उन्होंने जिला अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ई-ऑफिस सिस्टम का पूर्ण क्रियान्वयन किया जाए। यदि ऐसा नहीं होता है तो संबंधित विभाग को पत्र लिखकर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
