,

BMHRC विवाद गहराया, छात्रा की मौत पर कार्रवाई से बचता प्रशासन; निदेशक की गैर-जिम्मेदारी पर भड़के छात्र

Author Picture
Published On: 25 September 2025

भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (BMHRC) में नर्सिंग छात्रा की मौत और कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ने का मामला अब और गंभीर होता जा रहा है। छात्र संगठन एनएसयूआई ने इस मामले में अस्पताल प्रशासन और प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव पर सीधा निशाना साधा है।

एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि छात्रों के प्रदर्शन के बाद निदेशक ने 2–3 दिन के भीतर जांच और कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। लेकिन उसी के अगले दिन वे तीन दिनों की छुट्टी पर चली गईं। छात्रों का कहना है कि यह कदम उनकी गैर-जिम्मेदारी और उदासीनता को दर्शाता है।

हॉस्टल भोजन पर उठे सवाल

एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि छात्रा की मौत और कई छात्राओं की हालत खराब होने की असली वजह हॉस्टल का घटिया भोजन है। बावजूद इसके मेस का टेंडर अब तक रद्द नहीं किया गया। उल्टा, कल शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कॉलेज प्रशासन, उप-प्राचार्य और कुछ शिक्षकों द्वारा डराने-धमकाने की कोशिश की गई। छात्रों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।

NSUI की प्रमुख मांगें

  • प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव को तत्काल पद से हटाया जाए।
  • छात्रा की मौत और अन्य छात्राओं की बिगड़ी तबीयत की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए।
  • हॉस्टल भोजन सप्लाई का टेंडर रद्द कर पारदर्शी प्रक्रिया से नया ठेका दिया जाए।
  • प्रदर्शन कर रहे छात्रों को डराने वाले अधिकारियों और शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई हो।
  • मृतक छात्रा के परिजनों को उचित मुआवजा और प्रभावित छात्राओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले।

बड़े आंदोलन की चेतावनी

एनएसयूआई ने साफ कहा है कि यदि सरकार और अस्पताल प्रबंधन ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया तो प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन खड़ा किया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह केवल एक छात्रा की मौत का मामला नहीं है, बल्कि भविष्य में दर्जनों छात्रों की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा हुआ है।

भोपाल के इस प्रतिष्ठित संस्थान में घटी यह घटना न केवल प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि छात्रों की सुरक्षा और अधिकारों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और अस्पताल प्रबंधन इस पर कब और कैसी ठोस कार्रवाई करते हैं।

Related News
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp