, ,

MP में अब ऑनलाइन होगा फार्मेसी पंजीयन, घर बैठे मिलेगा प्रमाणपत्र

Author Picture
Published On: 25 September 2025

मध्यप्रदेश में फार्मेसी पंजीयन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया गया है। गुरुवार से लागू इस नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को अब न तो काउंसिल दफ्तर के चक्कर लगाने होंगे और न ही स्लॉट बुकिंग या मैन्युअल सत्यापन की जरूरत होगी। पंजीयन प्रमाणपत्र सीधे ईमेल और Digilocker पर उपलब्ध होंगे।

मध्यप्रदेश स्टेट फार्मेसी परिषद ने स्पष्ट किया है कि अब संपूर्ण प्रक्रिया ऑटो वेरिफिकेशन सिस्टम पर आधारित होगी। छात्रों की जिम्मेदारी होगी कि वे सही दस्तावेज उपलब्ध कराएं, वहीं विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों को समय पर डेटा देना होगा। यदि संस्थान लापरवाही करेंगे तो उनकी मान्यता और एफिलिएशन पर कार्रवाई की जाएगी।

3500 नए पंजीयन

जून से अगस्त 2025 की समीक्षा में सामने आया कि तीन माह में 3500 से अधिक पंजीयन पूरे हुए, जबकि 5800 आवेदन प्रक्रिया में लंबित रहे। इनमें से 1650 आवेदन विश्वविद्यालयों की सूची न मिलने के कारण अटके रहे। नई प्रणाली में समग्र आईडी, Digilocker, विवाह एवं निवास प्रमाणपत्र और एफडीए का एकीकरण किया गया है।

Digilocker होगा अनिवार्य

बी.फार्मा और एम.फार्मा छात्रों के लिए अब पंजीयन से पहले Digilocker अकाउंट बनाना जरूरी होगा। फार्मेसी काउंसिल की रजिस्ट्रार भव्या त्रिपाठी ने बताया कि नया सॉफ्टवेयर छात्रों के दस्तावेजों जैसे डिग्री, डिप्लोमा, स्थानीय निवासी प्रमाणपत्र, 10वीं-12वीं की मार्कशीट और फोटो का ऑनलाइन वेरिफिकेशन करेगा। अभी तक यह प्रक्रिया मैन्युअल होती थी, जिससे समय अधिक लगता था और पेंडेंसी बढ़ती जा रही थी।

70% फॉर्म में त्रुटियां

अधिकारियों के अनुसार 70 प्रतिशत आवेदन गलतियों से भरे होते हैं। नाम या स्पेलिंग की गड़बड़ी, जन्मतिथि की गलती और दस्तावेजों में असमानता जैसी दिक्कतें सबसे आम हैं। नई डिजिटल प्रणाली में यदि कोई गलती होगी तो सॉफ्टवेयर तुरंत अलर्ट करेगा और जब तक वेरिफिकेशन पूरा नहीं होगा, तब तक फीस नहीं ली जाएगी।

लंबे समय से छात्र भोपाल स्थित फार्मेसी काउंसिल के दफ्तर के चक्कर लगाते रहे। मई 2025 तक पेंडेंसी 10,500 से अधिक हो गई थी। कई बार छात्रों ने प्रदर्शन किए और नाराजगी में विवाद तक की नौबत आई। नई ऑनलाइन व्यवस्था से इस परेशानी पर लगाम लगने की उम्मीद है।

छात्रों के लिए नए निर्देश

अब छात्रों को सुनिश्चित करना होगा कि उनके आधार, समग्र आईडी और प्रमाणपत्रों में नाम, जन्मतिथि और पिता/पति का नाम एक समान हो। Digilocker ऐप में डिग्री/डिप्लोमा की फाइनल मार्कशीट और फोटो अपलोड करना अनिवार्य रहेगा।

फर्जीवाड़े पर रोक

काउंसिल ने कहा है कि अब फर्जी दस्तावेज लगाना आसान नहीं होगा। नया सॉफ्टवेयर तुरंत गड़बड़ी पकड़ लेगा। परिषद ने प्रमाणपत्र का नया फॉर्मेट और लोगो भी जारी किया है, जिससे पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित की जा सके।

Related News
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp