राजधानी वासियों का मेट्रो सफर का इंतजार अब खत्म होने की ओर बढ़ रहा है। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम भोपाल पहुंच चुकी है और 25-26 सितंबर को डिपो और ट्रेनों का विस्तृत निरीक्षण करेगी। यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि टीम की ‘ओके रिपोर्ट’ के बाद ही मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हो सकेगा।
गुरुवार सुबह कमिश्नर जनक कुमार गर्ग की अगुवाई में टीम डिपो पहुंची। यहां ट्रेन की कार्यप्रणाली, सॉफ्टवेयर और सुरक्षा मानकों को परखा गया। अफसरों के अनुसार निरीक्षण के दौरान नट-बोल्ट से लेकर सिग्नल, एंट्री-एग्जिट गेट और डिपो की तकनीकी जरूरतों तक की जांच की जाएगी। यदि सबकुछ मानकों के अनुरूप मिलता है, तो रिपोर्ट मंजूर होने में देर नहीं लगेगी।
मुंबई से आई टीम
सीएमआरएस की यह टीम मुंबई से आई है और मुख्य रूप से डिपो और मेट्रो रेक की जांच कर रही है। टीम की जिम्मेदारी है कि यदि कहीं खामी मिले तो उसे तुरंत दुरुस्त कराया जाए। दूसरी ओर, ट्रैक का अलग से निरीक्षण किया जाएगा, जिसमें स्टील ब्रिज और पूरे कॉरिडोर की सुरक्षा परखने पर फोकस रहेगा।
अक्टूबर में हो सकता है उद्घाटन
भोपाल मेट्रो का कमर्शियल रन अक्टूबर में प्रस्तावित है। संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इसे हरी झंडी दिखाकर आम जनता के लिए शुरू करें। वे पहले यात्री भी बन सकते हैं। इससे पहले 31 मई को उन्होंने इंदौर मेट्रो को भोपाल से वर्चुअल हरी झंडी दिखाई थी।
इससे पहले रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) ने भोपाल मेट्रो को सुरक्षा और संचालन के लिहाज से ‘ओके’ रिपोर्ट दे दी थी। इसी के बाद सीएमआरएस निरीक्षण की तारीख तय हुई।
लंबा सफर
भोपाल मेट्रो का पहला रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें एम्स से सुभाषनगर तक 6.22 किलोमीटर के प्राथमिकता कॉरिडोर पर 2018 से काम शुरू हुआ था। अभी तक सुभाषनगर से रानी कमलापति स्टेशन तक का काम पूरा हो चुका है। अलकापुरी, एम्स और डीआरएम स्टेशन पर तेजी से काम चल रहा है। ट्रैक पर दो स्टील ब्रिज भी बनाए गए हैं।
दो साल पहले हुआ था पहला ट्रायल
राजधानी में पहली बार मेट्रो 3 अक्टूबर 2023 को दौड़ी थी, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाषनगर से रानी कमलापति तक सफर किया था। अब, दो साल बाद राजधानी के नागरिकों के लिए मेट्रो की नियमित शुरुआत होने जा रही है।
