भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत ने हर युग की चुनौतियों का सामना स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की ताकत से किया है। महात्मा गांधी ने स्वदेशी के बल पर आजादी की लड़ाई को जन-आंदोलन बनाया, वहीं पं. दीनदयाल उपाध्याय ने भी स्वावलंबन और स्वदेशी के विचार को आगे बढ़ाया। इन्हीं बीजों से आत्मनिर्भरता का वटवृक्ष खड़ा होगा, जो भारत को विश्व की प्रमुख आर्थिक शक्ति बनाएगा।
रवीन्द्र भवन में हुआ शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर स्वदेशी जागरण सप्ताह का शुभारंभ किया। मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में रवीन्द्र भवन में आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने मंगलाचरण के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में गायत्री परिवार, ब्रह्मकुमारी संगठन और पतंजलि समूह समेत कई सामाजिक संस्थाओं ने स्वदेशी के प्रति प्रतिबद्धता जताई और मुख्यमंत्री को स्वदेशी संकल्प समर्थन-पत्र सौंपे।
पैदल मार्च से दिया संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ भारती, महात्मा गांधी और पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इसके बाद वे मानस भवन से रवीन्द्र भवन तक निकाली गई स्वदेशी जनजागरण रैली में पैदल मार्च करते हुए शामिल हुए। रैली में उद्योग जगत, व्यापारी, दुकानदार, छात्र-छात्राओं और आम जनता को स्वदेशी अपनाने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर स्वदेशी पर केंद्रित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
स्वदेशी अभियान
डॉ. यादव ने कहा कि 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान के तहत प्रदेश के 313 विकासखंडों में स्वदेशी जागरण सप्ताह मनाया जाएगा। इसके अलावा, आने वाले महीनों में भोपाल, बैतूल, शिवपुरी और उज्जैन में स्वदेशी मेले आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज स्वदेशी के सबसे बड़े ब्रांड एम्बेसडर हैं और उनके नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
स्वदेशी अपनाएं
आत्मनिर्भर भारत बनाएंमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा
राज्य स्तरीय
स्वदेशी जागरण सप्ताह का शुभारंभ🗓️25 सितंबर 2025
📍रवीन्द्र भवन, भोपाल @DrMohanYadav51@CMMadhyaPradesh@minprdd @minmpmsme #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #JansamparkMP #MadeInIndia… pic.twitter.com/uJgAH2N42x— Jansampark MP (@JansamparkMP) September 25, 2025
कारीगरों का सम्मान
अपने संबोधन में डॉ. यादव ने कहा कि स्वदेशी का अर्थ सिर्फ वस्त्र या सामान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें किसान और कारीगरों के परिश्रम का सम्मान भी शामिल है। किसान अपनी मिट्टी से अन्न उपजाते हैं और कारीगर अपने हुनर से छोटे उद्योगों को सहारा देते हैं। मुख्यमंत्री ने त्यौहारों के इस मौसम में प्रदेशवासियों से विदेशी वस्तुओं की जगह स्वदेशी सामान खरीदने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े अभियान की सफलता समाज की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है।
