नवरात्रि के पावन पर्व पर नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विवादित बयान को लेकर मध्यप्रदेश की राजनीति गरमा गई है। महिला कांग्रेस ने इसे बहन-भाई के पवित्र रिश्ते का अपमान बताते हुए भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोला है। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल और प्रवक्ता अपराजिता पांडेय ने भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विजयवर्गीय के बयान की निंदा की और मुख्यमंत्री से उनके बर्खास्तगी की मांग की।
“नवरात्रि की पवित्रता को ठेस पहुँची”
महिला कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब पूरा देश माँ दुर्गा की पूजा और शक्ति उपासना में लीन है, ऐसे समय में विजयवर्गीय का बयान महिलाओं की गरिमा और भारतीय संस्कृति का अपमान है। विभा पटेल ने कहा, “बहन-भाई का रिश्ता भारतीय संस्कृति की नींव है। रक्षा बंधन से लेकर नवरात्रि तक यह बंधन पवित्रता और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। लेकिन विजयवर्गीय ने इस रिश्ते पर सवाल उठाकर न केवल महिलाओं का अपमान किया है बल्कि नवरात्रि की पवित्रता पर भी आघात पहुँचाया है।”
पुराने बयान भी आए निशाने पर
महिला कांग्रेस ने याद दिलाया कि यह पहला मौका नहीं है जब विजयवर्गीय ने महिलाओं को लेकर विवादित टिप्पणी की हो। पहले भी वे महिलाओं के पहनावे और पश्चिमी संस्कृति पर आपत्तिजनक बयान दे चुके हैं। महिला कांग्रेस का आरोप है कि विजयवर्गीय ने कभी महिलाओं को “शूर्पणखा” जैसी उपमा दी, तो कभी कहा कि उन्हें “कम कपड़े पहनने वाली महिलाएँ” पसंद नहीं। इन बयानों को महिला कांग्रेस ने सामंती और महिला विरोधी सोच करार दिया।
महिला सुरक्षा पर उठाए सवाल
महिला कांग्रेस ने प्रदेश में बढ़ते अपराधों के आंकड़े सामने रखे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि 2020 में जहाँ 6,134 बलात्कार दर्ज हुए थे, वहीं 2024 तक यह संख्या बढ़कर 7,294 हो गई। यानी बलात्कार के मामलों में 19% की वृद्धि हुई। आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में हर दिन औसतन 20 बलात्कार और 33 अपहरण के मामले दर्ज हो रहे हैं।
SC/ST महिलाओं पर अपराध के आँकड़े भी चिंताजनक बताए गए। 2022 से 2024 के बीच 7,418 दलित और आदिवासी महिलाएँ बलात्कार की शिकार हुईं, जबकि 338 सामूहिक बलात्कार के मामले दर्ज हुए। महिला कांग्रेस ने आरोप लगाया कि दोषियों को सजा दिलाने में सरकार पूरी तरह विफल रही है, क्योंकि सजा दर 25% से भी कम है।
“बीजेपी सरकार अपराधियों को देती है संरक्षण”
महिला कांग्रेस ने कहा कि मंदसौर की मासूम बच्ची से बलात्कार हो या उज्जैन और ग्वालियर की छात्राओं से सामूहिक दुष्कर्म, हर मामले में भाजपा सरकार की भूमिका सवालों के घेरे में रही है। अपराजिता पांडेय ने कहा, “बीजेपी के मंत्री मंच से महिलाओं का अपमान करने में तो आगे रहते हैं, लेकिन जब अपराधियों को सख्त सजा दिलाने की बात आती है, तो सरकार चुप्पी साध लेती है।”
महिला कांग्रेस की माँग
महिला कांग्रेस ने दो टूक कहा कि विजयवर्गीय को तुरंत जनता और महिलाओं से माफी माँगनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता तो मुख्यमंत्री को उन्हें कैबिनेट से बर्खास्त करना चाहिए। विभा पटेल ने कहा कि नवरात्रि में माँ दुर्गा की आराधना करते हुए हम बहनों के सम्मान की रक्षा का संकल्प लेते हैं। “अगर बीजेपी नेताओं की जुबान पर लगाम नहीं लगी, तो महिला कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में महिला कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे प्रदेश की हर बहन-बेटी के सम्मान और सुरक्षा के लिए संघर्ष करती रहेंगी। उनका कहना था कि यह आंदोलन सिर्फ एक मंत्री के बयान के खिलाफ नहीं बल्कि महिला विरोधी मानसिकता के खिलाफ है। “बहन-भाई का रिश्ता हमारी संस्कृति की आत्मा है। इसे कलंकित करने वालों को जनता और महिलाएँ कभी माफ नहीं करेंगी।”
