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भोपाल में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान, 2100 युवाओं को मिले नि:शुल्क हेलमेट

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Published On: 27 September 2025

भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हेलमेट न पहनने की छोटी-सी लापरवाही पूरे परिवार को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। सड़क हादसों में सबसे अधिक मौतें तेज रफ्तार, हेलमेट न पहनने और सीट बेल्ट का उपयोग न करने से होती हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारी समझें और सड़क पर सुरक्षा नियमों का पालन करें।

नि:शुल्क हेलमेट

सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत अटल पथ पर आयोजित सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया और दोपहिया वाहन रैली को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान 2100 युवाओं को नि:शुल्क हेलमेट वितरित किए गए। प्रतीक स्वरूप पाँच युवाओं को स्वयं मुख्यमंत्री ने हेलमेट पहनाकर जीवन रक्षा का संदेश दिया।

आधुनिक पहल

डॉ. यादव ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रदेश में कई आधुनिक संसाधनों का उपयोग हो रहा है। डिजिटल चालान, स्पीड गन, फास्टैग और लाइव ट्रैफिक मॉनिटरिंग से निगरानी की जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेस-वे पर पेट्रोलिंग दस्ते और चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं।

राहवीर योजना बनी सहारा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क हादसे में घायलों को अस्पताल पहुँचाने वाले जिम्मेदार नागरिकों को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि राहवीर योजना के अंतर्गत दी जाती है। यह पहल मानवीय संवेदनाओं को प्रोत्साहित करने और घायलों को त्वरित सहायता दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

37 चौराहों पर सुधार कार्य

कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र ने जानकारी दी कि शहर के 37 चौराहों को लेफ्ट टर्न फ्री बनाने का काम जारी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में देशभर में 1.80 लाख लोग सड़क हादसों में मारे गए और 3 लाख घायल हुए। इसलिए सड़क सुरक्षा पर गंभीरता से ध्यान देना अनिवार्य है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे सड़क पर अनुशासन का पालन करें। उन्होंने कहा, “हेलमेट जीवन का कवच है, यह हादसों में जान बचा सकता है। सीट बेल्ट लगाएँ और तेज रफ्तार से वाहन न चलाएँ।”

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