सांसद गणेश सिंह ने आज मैहर माता जी के दर्शन करने के बाद परसमनिया क्षेत्र के ग्रामीणों को संबोधित करते हुए वन विभाग की योजनाओं को लेकर स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वन विभाग की कोई भी योजना स्थानीय गरीब और वन क्षेत्र के लोगों को नुकसान नहीं पहुंचा सकती।
सांसद गणेश सिंह ने कहा कि परसमनिया क्षेत्र में न तो कोई टाइगर रिजर्व बनाया जा रहा है और न ही कोई रिजर्व फॉरेस्ट। यहां की वन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य सघन वनीकरण करना और क्षेत्र में रहने वाले पशु-पक्षियों के संरक्षण को सुनिश्चित करना है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जो सुविधाएं पहले वन क्षेत्र के लोगों को मिलती थीं, वे यथावत जारी रहेंगी।
विकास के अवसर
सांसद ने बताया कि शासन से विकास के लिए अतिरिक्त धन उपलब्ध कराए जाने की योजना है। इसके तहत परसमनिया क्षेत्र में पर्यटन के दृष्टिकोण से विकास कार्य किए जाएंगे। इससे न केवल क्षेत्र का इंफ्रास्ट्रक्चर सुधरेगा बल्कि स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
परसमनिया के रार, गढ़ौत, कोम्ही, बसहा तिराहा, पटीहट, तुसगमा और पिपरिया गांवों से आए ग्रामीणों के साथ सांसद ने वन क्षेत्र की योजनाओं और उनके अधिकारों के बारे में खुलकर चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों के सवालों के जवाब दिए और उन्हें आश्वस्त किया कि किसी भी योजना के कारण उनकी जमीन, अधिकार या रोजगार प्रभावित नहीं होंगे।
स्थानीय लोगों को राहत
सांसद के आश्वासन से परसमनिया क्षेत्र के ग्रामीणों में संतोष का माहौल देखा गया। लोगों ने कहा कि अब उन्हें वन विभाग की योजनाओं को लेकर भ्रम या डर नहीं रहेगा। वहीं, सांसद ने ग्रामीणों से अपील की कि वे वनीकरण और संरक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि यह क्षेत्र पर्यावरण और रोजगार दोनों के मामले में विकसित हो सके।
