10 अक्टूबर 2025 को जयप्रकाश जिला चिकित्सालय, भोपाल में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर विशेष मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को पहचानना, समय पर उपचार और लोगों को विधिक सहायता की जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव जस्टिस सुनीत अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. मनीष शर्मा, विधिक सहायता अधिकारी बीएम सिंह, आरएमओ डॉ. प्रमेंद्र शर्मा, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.के. बैरागी और साइकोलॉजिस्ट डॉ. राहुल शर्मा उपस्थित रहे। सभी ने मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा की और लोगों को जागरूक किया।
इस साल का थीम
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस हर साल 10 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस वर्ष इसका थीम है “सेवाओं तक पहुँच आपदाओं और आपात स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य।” इसके तहत 10 अक्टूबर से विभिन्न स्क्रीनिंग शिविर, जागरूकता कार्यक्रम और परामर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे। सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर भी मानसिक स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध रहेगा।
विधिक सहायता की जानकारी
जस्टिस सुनीत अग्रवाल ने इस अवसर पर उपस्थित लोगों को मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानसिक समस्याओं से जूझ रहे व्यक्ति न्यायालय से किस प्रकार की विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इससे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाओं और अधिकारों की समझ बढ़ती है।
विशेषज्ञों ने दी मार्गदर्शन
सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने कहा, “मानसिक समस्याओं को अनदेखा करना खतरनाक हो सकता है। सही समय पर पहचान कर योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है।” उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर 14416 और 1800-89-14416 पर परामर्श लेने की सुविधा की जानकारी भी दी।
जिला चिकित्सालय में आयोजित इस कार्यक्रम में 120 से अधिक लोगों का मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। प्रतिभागियों को नशा, तनाव और आत्महत्या जैसी समस्याओं की पहचान और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया। विशेषज्ञों ने सभी के सवालों का विस्तार से जवाब दिया और परामर्श प्रदान किया।
आगे की योजना
जिला प्रशासन ने बताया कि इस तरह के शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे और लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसका उद्देश्य समय पर मदद पहुंचाना और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को आसान बनाना है।
