दिवाली करीब आते ही भोपाल में आतिशबाजी की दुकानें सजने लगी हैं, लेकिन इस बार प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। सभी थोक और फुटकर विक्रेताओं को विस्फोटक अधिनियम 1884 और उससे जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा।
जिला प्रशासन ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि हर दुकान पर फायर सेफ्टी उपकरण, अग्निशामक सिलेंडर, सुरक्षित दूरी और साफ-सफाई की व्यवस्था अनिवार्य होगी।
संयुक्त व्यवस्था
नगर निगम की ओर से आतिशबाजी बाजारों में फायर ब्रिगेड की तैनाती, पार्किंग और स्वच्छता की विशेष व्यवस्था की जा रही है। वहीं, लाइसेंसधारी विक्रेताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी दुकानों में भी सुरक्षा के सभी इंतजाम पूरे हों।
अगर किसी स्थल पर सुरक्षा या व्यवस्था में कमी पाई जाती है तो नागरिक सीधे एडीएम कार्यालय या संबंधित एसडीएम को शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
गोदामों की सूची
प्रशासन ने बताया कि भोपाल जिले में विभिन्न स्थानों पर लाइसेंसधारी आतिशबाजी विक्रेता और गोदाम स्वीकृत किए गए हैं।
1500 किलो तक आतिशबाजी की अनुमति वाली दुकानें: ग्राम हलालपुर, फिजा कॉलोनी करोंद रोड, होशंगाबाद रोड, ग्राम रतुआ और ग्राम बसई में कुल 5 स्थल तय किए गए हैं।
1500 किलो क्षमता वाले गोदाम: जमुनिया झीर (12), सनसिटी गार्डन के पीछे (4), माधव आश्रम बैरागढ़ (1), और वृंदावन गार्डन मिसरोद रोड (1) में स्वीकृत हैं।
500 किलो क्षमता वाले नवीनीकरण लाइसेंस: बैरसिया रोड (3), होशंगाबाद रोड (9), भानपुर चौराहा (1), बैरसिया (1), और परवलिया रोड (1) पर जारी किए गए हैं।
फुटकर बाजारों की चमक
- हुजूर – लगभग 64 दुकानें
- कोलार – 180 दुकानें
- बैरसिया – 188 दुकानें
- बैरागढ़ – 110 दुकानें
- गोविंदपुरा – 190 दुकानें
- शहर क्षेत्र – 120 दुकानें
- टीटी नगर – 80 दुकानें
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि सिर्फ लाइसेंसधारी दुकानों से ही आतिशबाजी खरीदें और बच्चों को बिना निगरानी के पटाखे जलाने न दें। अधिकारी दुकानदारों को चेतावनी भी दे चुके हैं कि यदि किसी ने अनधिकृत स्थल पर आतिशबाजी की बिक्री की, तो उसका लाइसेंस तुरंत निलंबित या रद्द कर दिया जाएगा।
