13 अक्टूबर 2025 को भोपाल ईस्टर्न बायपास स्थित सूखी सेवनिया आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) के एक तरफ की आर-ई वॉल क्षतिग्रस्त होने से सड़क का एक हिस्सा धंस गया। सौभाग्य से घटना में किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई।
स्टेट हाईवे 18 पर हुई इस घटना ने सुबह के समय आवागमन को प्रभावित किया। सूचना मिलते ही मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी तुरंत स्थल पर पहुंचे। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे क्षतिग्रस्त क्षेत्र को बैरिकेड कर दिया गया ताकि किसी अप्रिय घटना की संभावना न रहे। मरम्मत कार्य तुरंत प्रारंभ कर दिया गया है।
एमपीआरडीसी अधिकारियों के अनुसार, यह सड़क वर्ष 2013 में मेसर्स ट्रॉन्सट्राय प्रा. लि. द्वारा बीओटी (Build-Operate-Transfer) मॉडल के तहत बनाई गई थी। हालांकि, कंपनी द्वारा अनुबंध की शर्तों का पालन न करने के कारण वर्ष 2020 में उसका अनुबंध निरस्त कर दिया गया था।
जांच दल का गठन
एमपीआरडीसी ने घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल का गठन किया है। इस दल में मुख्य अभियंता श्री बी.एस. मीणा, जीएम श्री मनोज गुप्ता, और जीएम श्री आर.एस. चंदेल शामिल हैं। यह दल आर-ई वॉल के धंसने के कारणों की तकनीकी जांच करेगा और शीघ्र अपनी रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत करेगा। रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
*भोपाल के थाना सुखी सेवनियाँ अंतर्गत बिलखिरिया की ओर से आने वाले ग्राम कल्याणपुर रेलवे ब्रिज से लगभग 100 मीटर आगे पुल धंसा*❗️
♦️*राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट किया है कि उक्त मार्ग एनएचएआई के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। यह सड़क मध्यप्रदेश रोड… pic.twitter.com/943StWSzhW
— KK Mishra (@KKMishraINC) October 13, 2025
प्रशासन की प्रतिक्रिया
एमपीआरडीसी के प्रबंध संचालक श्री भरत यादव ने स्पष्ट किया कि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदार के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्राथमिकता सड़क की सुरक्षा और यातायात सुगमता सुनिश्चित करना है।
मरम्मत
मरम्मत कार्य के दौरान प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा संकेतक और बैरिकेडिंग रखी गई है। नागरिकों से प्रशासन ने अनुरोध किया है कि वे इस मार्ग पर सावधानी से चलें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।
भोपाल ईस्टर्न बायपास पर यह घटना सरकार और एमपीआरडीसी के लिए एक चेतावनी भी है कि निर्माण और रखरखाव की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखना आवश्यक है। प्रशासन ने जनता से आश्वासन दिया है कि सड़क जल्द ही सुरक्षित रूप से यातायात के लिए खोल दी जाएगी।
