केंद्र सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों को 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) देने के फैसले के बाद अब मध्यप्रदेश के कर्मचारी भी सक्रिय हो गए हैं। राज्य के कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से दीपावली से पहले यह लाभ देने की मांग की है।
कर्मचारियों का कहना है कि त्योहारी सीजन में खर्च बढ़ जाता है, ऐसे में 3% डीए-डीआर और बोनस से कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी। साथ ही, फेस्टिवल एडवांस की राशि बढ़ाने की भी मांग की गई है ताकि कर्मचारी अपने परिवार के साथ त्योहार की खुशियां मना सकें।
10 लाख से अधिक को फायदा
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा कि दीपावली के अवसर पर सरकार को कर्मचारियों को राहत देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बोनस के साथ 3 प्रतिशत डीए और डीआर की मंजूरी मिलने से प्रदेश के 10 लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलेगा।
राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने भी सरकार से आग्रह किया कि केंद्र की तरह राज्य में भी महंगाई भत्ते की किस्त जारी की जाए, ताकि कर्मचारियों के परिवार त्योहार का आनंद खुशी से मना सकें।
केंद्र पर पहुंचा 58%
वर्तमान में मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को 55% डीए दिया जा रहा है। वहीं, केंद्र सरकार के कर्मचारियों को हाल ही में 3% बढ़ोतरी के बाद 58% डीए मिलना शुरू हो गया है। प्रदेश के कर्मचारियों का जुलाई 2025 से डीए बकाया चल रहा है। इस वजह से कर्मचारियों में लंबे समय से नाराजगी भी बनी हुई है।
29 साल से बंद बोनस देने की मांग
कर्मचारी संगठनों ने यह भी याद दिलाया कि प्रदेश में 1996 से बोनस बंद है। उस समय कर्मचारियों को अधिकतम 1,079 रुपए तक बोनस दिया जाता था। आज भी केंद्र सरकार और रेलवे अपने कर्मचारियों को दीपावली बोनस देती है, लेकिन मध्यप्रदेश के कर्मचारी इससे वंचित हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि जब राज्य सरकार केंद्र के समान लाभ देने का दावा करती है, तो बोनस से वंचित रखना कथनी और करनी में अंतर दर्शाता है।
CM से उम्मीदें
कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दीपावली से पहले महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी और बोनस देने का ऐलान करेंगे। इससे न केवल कर्मचारियों को राहत मिलेगी, बल्कि प्रदेश में त्योहार की रौनक भी दोगुनी हो जाएगी।
