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बालकृष्ण नामदेव की मांग, दीपावली से पहले निराश्रितों के बैंक खातों में पेंशन राशि की जाए जमा

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Published On: 14 October 2025

दीपावली का पर्व नजदीक है, लेकिन MP के हजारों निराश्रित, विधवा और विकलांग पेंशनभोगी अब भी अपनी सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि के इंतजार में बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। ऐसे में निराश्रित पेंशनधारी मोर्चा के अध्यक्ष बालकृष्ण नामदेव ने सरकार से त्योहार से पहले पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने की अपील की है।

उन्होंने सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा से मांग की है कि प्रदेश के सभी पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों में ₹600 प्रति माह की दर से सामाजिक सुरक्षा और राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन राशि दीपावली से पहले जमा की जाए, ताकि वे भी इस पावन त्यौहार को सम्मानपूर्वक मना सकें।

बैंकों के चक्कर काट रहे वृद्ध और विकलांग

नामदेव ने बताया कि कई महीनों से पेंशन राशि में देरी हो रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के हजारों पेंशनधारी रोजाना बैंक और पंचायत कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। उन्होंने कहा कि ये लोग समाज के सबसे कमजोर तबके से हैं। वृद्ध, विधवा और विकलांग, जिनके लिए पेंशन ही जीवनयापन का एकमात्र सहारा है।

बालकृष्ण नामदेव ने कहा, “जब पूरा प्रदेश दीपावली की तैयारियों में जुटा है, तब ये असहाय वर्ग अपने अधिकार के लिए भटक रहा है। सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल पेंशन राशि खातों में भेजनी चाहिए, ताकि वे भी खुशी और आत्मसम्मान के साथ त्योहार मना सकें।”

त्योहारी सीजन में राहत की उम्मीद

दीपावली में अब महज पांच दिन शेष हैं, ऐसे में नामदेव ने सरकार से आग्रह किया कि बकाया पेंशन का भुगतान एकमुश्त किया जाए। उन्होंने कहा कि कई जिलों में बैंकिंग तकनीकी कारणों से राशि नहीं पहुंच पा रही है, लेकिन यह विभाग की जिम्मेदारी है कि समय पर समस्या का समाधान करे।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सामाजिक न्याय विभाग प्रत्येक माह की पेंशन भुगतान तिथि तय करे, ताकि पेंशनभोगियों को असमंजस की स्थिति का सामना न करना पड़े।

सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग

बालकृष्ण नामदेव ने कहा कि सरकार अगर समय रहते कार्रवाई नहीं करती, तो दीपावली का त्यौहार इन निराश्रित वर्गों के लिए मायूस कर देने वाला साबित होगा। उन्होंने सामाजिक न्याय मंत्री से अनुरोध किया कि इस मामले में मुख्यमंत्री स्तर पर समीक्षा कर सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश जारी किए जाएं।

अंत में उन्होंने कहा कि निराश्रितों की दीपावली तभी रोशन होगी, जब उनके घरों तक पेंशन की रकम पहुंचेगी। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी हितग्राही इस त्यौहार पर खाली हाथ न रहे।

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